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बीते साल 5% कम, इससे पहले दो साल 22% तक ज्यादा बारिश

3 वर्ष पहले
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जयपुर. मौसम विभाग ने इस साल फिर मानसून सामान्य रहने की भविष्यवाणी की है। अगर राजस्थान के आंकड़े देखे जाएं, तो बीते तीन साल में से दो साल में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुकाबले प्रदेश में 22% तक ज्यादा बारिश हुई। वहीं पिछले साल अनुमान से 5%  कम बादल बरसे। यह राज्य की औसत बारिश से भी 3% कम थी। इसका असर यह हुआ कि बीते साल 14 जिले औसत बारिश को भी तरस गए। हालांकि छह जिले ऐसे भी रहे, जिनमें असामान्य यानी औसत से 60% से ज्यादा बारिश हुई।

 

- मौसम विभाग का वर्ष 2015 के लिए पूर्वानुमान 93% का था जबकि बारिश 95.47% हुई। इसी तरह 2016 में मौसम विभाग ने औसत से 106% बारिश होने की संभावना जताई थी, लेकिन  128% बारिश दर्ज की गई। वहीं, 2017 में 90% बारिश हुई, जबकि पूर्वानुमान 95% का था। 

 

 

- 2015 में 3 जिलों में असामान्य, 4 में सामान्य से अधिक, 18 में सामान्य, 8 जिलों में सामान्य से कम बारिश।
- 2016 में 2 जिलों में असामान्य, 18 में सामान्य से अधिक, 12 में सामान्य और 1 में कम बारिश हुई।
- 2017 में 4 जिलों में असामान्य, 6 में सामान्य से अधिक, 9 में सामान्य, 14 में सामान्य से कम बारिश।
 
जब पश्चिमी जिले भीगे तो पूर्वी जिले बारिश को तरसे
- प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी जिलों के बरसात आंकड़ों की तुलना में रोचक तथ्य सामने आया। रेगिस्तानी बाड़मेर और जैसलमेर में वर्ष 2015 और 2017 में असामान्य बारिश हुई। इन वर्षों में बाड़मेर में 75.4 और 90.80% तो जैसलमेर में 83.1 और 40.36% ज्यादा बारिश हुई। जबकि इन दो वर्षों में जयपुर सहित पूर्वी जिलों भरतपुर, अलवर, दौसा, धौलपुर, करौली व सवाई माधोपुर में 28.7% से लेकर 52.5% तक कम बारिश हुई। इन जिलों में सिर्फ वर्ष 2016 में ही सामान्य बारिश रही। प्रदेश में श्रीगंगानगर एकमात्र जिला है, जहां पिछले 2 साल से लगातार औसत से कम बारिश हो रही है।
 
 
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