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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में शनिवार शाम आंधी चलने से हुए हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। इससे पहले मौसम विभाग ने हरियाणा के नारनोल, बावल, रेवारी, कोस्ली, महेन्द्रगढ़ और राजस्थान के होडल और पलवल में आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की। पिछले तीन हफ्ते से देश के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के असर से मौसम खराब हो चुका है। इसके चलते 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
20 से ज्यादा राज्यों में आंधी-तूफान का खतरा
- 17 मई को मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी कर अगले 3 दिन के लिए उत्तर और उत्तर पश्चिम के 20 से ज्यादा राज्यों में तूफान का खतरा बताया था। साथ ही राजस्थान में फिर से धूलभरी आंधी की आंशका जताई गई है।
उत्तर भारत में 15 दिन में कई बार मौसम बदला
- उत्तर भारत में पिछले 17 दिनों से मौसम के मिजाज में तेजी से बदलाव देखा गया है। मई के पहले हफ्ते में उत्तर प्रदेश और राजस्थान में आंधी-तूफान के चलते 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
- वहीं, बीते रविवार और सोमवार को तूफान के हुए हादसों में 86 लोगों की जान गई। इस दौरान 136 लोग घायल भी हुए। 50 से ज्यादा मौतें उत्तर प्रदेश में हुईं। बिहार में भी कई लोगों की जान गई थी। गृह मंत्रालय ने तूफान और बिजली गिरने से भारी नुकसान की बात कही थी।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस है खराब हो रहे मौसम की वजह
- गर्मी के मौसम में यह बदलाव होता ही है। लेकिन इस बार पाकिस्तान और अफगानिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान और मध्यप्रदेश के ऊपर चक्रवाती हालात बनने से मौसम लगातार खराब हो रहा है।
- हर साल इन दिनों में सबसे पहले यूरोप और अफ्रीका के बीच स्थित भूमध्य सागर (मेडिटेरियन सी) में 25 डिग्री से ज्यादा तापमान होने पर उठता है। वहां से यह तुर्की, इराक, ईरान से होता हुआ जम्मू-कश्मीर पहुंचता है। यहां पहाड़ों से टकराकर यह दिल्ली की तरफ मुड़ जाता है। इसके बाद यह रास्ते में आने वाले देश के हर राज्य में असर डालता है।
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