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डाउनलोड करेंगया. रिश्वतखोर चाकन्द थानाध्यक्ष पवन कुमार पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। पवन कुमार ने एक लाख 16 हजार रुपए लेकर दो शराब तस्करों को छोड़ दिया था। इसकी सूचना मिलने पर एसएसपी राजीव मिश्रा ने कार्रवाई करते हुए थानेदार को थाने से ही दबोच लिया था और घूस की रकम भी बरामद की थी। उसे पूछताछ के लिए डीएसपी कार्यालय लाया गया। यहीं से पवन कुमार पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
डेढ़ लाख में हुई थी डील
मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को छापेमारी के दौरान शराब से भरी बोलेरो जब्त की गई थी। पुलिस ने 4 तस्करों को भी गिरफ्तार किया था। थानाध्यक्ष पवन कुमार डेढ़ लाख रुपए लेकर चाकन्द थाना इलाके के ही रहने वाले दो तस्करों को छोड़ने पर राजी हो गए। हालांकि तस्करों के बिचौलिए सरपंच की मिन्नत पर 1.16 लाख में डील हुई और दो तस्कर को छोड़ दिया गया। इसकी सूचना एसएसपी को मिली तो वह खुद मामले की पड़ताल करने चाकन्द थाने पहुंच गए। थानाध्यक्ष के ठिकाने पर छापेमारी की गई तो एक लाख सोलह हजार की रिश्वत राशि बरामद हुई।
पुलिस की मिलीभगत से आरोपी थानाध्यक्ष फरार
एसएसपी ने बताया कि मामले का सत्यापन कर थानाध्यक्ष को डीएसपी कार्यालय लाया गया। यहीं थानाध्यक्ष से पूछताछ की गई। डीएसपी कार्यालय से थानाध्यक्ष पवन कुमार पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। एसएसपी ने बताया कि इसके पीछे पुलिस की लापरवाही या मिलीभगत है। दोनों बिंदुओं पर जांच की जा रही है। एसएसपी की माने तो इस मामले में पुलिस की मिलीभगत है। दोषी पाए जाने पर विधि व्यवस्था डीएसपी और सर्किल इंस्पेक्टर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि थानाध्यक्ष ने शराब की खेप बरामद करने के बाद रिपोर्ट भी दर्ज नहीं किया था। फिलहाल पुलिस थानाध्यक्ष पवन कुमार, बिचौलिया सरपंच और फरार दोनों तस्करों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पकड़ी गई शराब की खेप हरियाणा से लाई गई थी।
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