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भोपाल में 82.17 रुपए प्रति लीटर हुआ पेट्रोल, डीजल भी 71.38 के पार हुआ

3 वर्ष पहले
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भोपाल. देशभर में पेट्रोल व डीजल की कीमतों में लगी आग में वृद्धि जारी है। रविवार के बाद सोमवार को भी भोपाल में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि हुई। सोमवार को पेट्रोल (सादा) 82.17, पेट्रोल (पावर) 85.94 और डीजल 71.38 रुपए में बिक्री की गई। जबकि रविवार को राजधानी में पेट्रोल 34 (81.87 रुपए) और डीजल 27 पैसे (71.15 रुपए) प्रति लीटर महंगा हुआ था। यह कीमतें अपने उच्चतम स्तर हैं। पेट्रोल की कीमतों में हुई वद्धि के बाद पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान ने कहा, "मैं मानता हूं कि देश के लोगों को और विशेषकर मीडिल क्लास पर पेट्रोल, डीजल की कीमतों को बुरा असर पड़ा है। सरकार इसका हल निकालने के लिए जल्द ही कोई कदम उठाएगी।" हालांकि, सरकार किस तरह के कदम उठाएगी और कब तक उठाएगी इस बारे में उन्होंने साफ नहीं किया। 

 

 

8 रुपए लीटर तक बढ़ सकते हैं दाम

- मॉर्गन स्टेनले के मुताबिक, विदेशी बाजार में क्रूड की कीमतों में उछाल से घरेलू बाजार में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी रहने की संभावना है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अभी 6 से 8 रुपए तक की वृद्धि हो सकती है। 
- कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी ने भी पेट्रोल के दाम में 4 रुपए प्रति लीटर तक उछाल आने की संभावना व्यक्त की है। 

 

दो साल में 90 डॉलर/बैरल हो सकता है कच्चे तेल का दाम
- मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में दो साल तक उछाल आने का अनुमान है। 2020 तक यह 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। इससे पहले अक्टूबर 2014 में यह 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा था।

 

कीमतों में बढ़ोतरी की 5 वजह

1- पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) ने पिछले दिनों पेट्रोलियम पदार्थों का उत्पादन घटाया है। इससे मांग बढ़ी है और तेल के दामों में वृद्धि हुई है। 
2-  अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल के बेंचमार्क रेट 84.97 डॉलर प्रति बैरल हो गए हैं। 24 अप्रैल को 74.84 डॉलर प्रति बैरल थे। 
3-  पिछले हफ्ते क्रूड कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। नवंबर 2014 के बाद पहली बार दाम इस स्तर पर पहुंचे हैं।
4- कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि चुनाव से पहले दाम स्थिर रखने से तेल कंपनियों को 500 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। नुकसान की भरपाई के लिए कंपनियां लगातार कीमतें बढ़ा रही हैं। 
5- डॉलर के मुकाबले रुपया 68 के पार पहुंच गया। इससे क्रूड का आयात महंगा हुआ। भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा क्रूड आयात करता है।

 

दो साल में 90 डॉलर/बैरल हो सकता है कच्चे तेल का दाम

 

- मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में दो साल तक उछाल आने का अनुमान है। 2020 तक यह 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। इससे पहले अक्टूबर 2014 में यह 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा था।

 

एक्साइज ड्यूटी नौ बार बढ़ाई, एक बार घटाई 
- नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के दौरान जब क्रूड ऑयल के दाम घट रहे थे, सरकार ने 9 बार में पेट्रोल पर 11.77 रु. और डीजल पर 13.47 रु. एक्साइज बढ़ाई थी। क्रूड महंगा होने पर सिर्फ एक बार, अक्टूबर 2017 में ड्यूटी 2 रु. प्रति लीटर घटाई। रविवार को पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने संकेत दिए कि पेट्रोल-डीजल पर ड्यूटी कम नहीं होगी। 

 

तब 19 दिन तक नहीं बढ़ाए गए थे दाम 
- कंपनियों ने कर्नाटक चुनाव के दौरान 24 अप्रैल के बाद 19 दिनों तक दाम नहीं बढ़ाए। 12 मई को वोटिंग हुई। 14 मई से कीमतें बढ़नी शुरू हुईं। तेल कंपनियां मार्जिन कर्नाटक चुनाव से पहले के स्तर पर ले गईं तो पेट्रोल 4.55 रु. तक और डीजल 4 रु. तक महंगा होगा।

 

कमलनाथ ने किया ट्वीट

पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर ट्वीट कर केंद्र और राज्य सरकार पर करारा हमला किया है. कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि 'पेट्रोल डीज़ल की क़ीमतों में बेतहाशा मूल्य वृद्धि कर्नाटक की हार का बदला है. सप्ताह में एक दिन साइकिल चलाने की घोषणा करने वाले शिवराज जी की साइकिल कहां गई? पेट्रोल-डीज़ल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए. शिवराज सरकार जनता को राहत पहुंचाने के लिए राज्य की और से सहमति दे.'

 

 

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