ट्रॉफी के साथ एटलेटिको मैड्रिड को अलविदा कहना चाहेंगे टोरेस
ट्रॉफी के साथ एटलेटिको मैड्रिड को अलविदा कहना चाहेंगे टोरेस
टोरेस ने अपने करियर में फीफा वर्ल्ड कप और यूईएफए चैम्पियंस लीग जैसे खिताब अपने नाम किए हैं लेकिन वह अपने क्लब एटलेटिको मैड्रिड में एक भी खिताब जीतने में कामयाब नहीं हो पाए। उनके पास गुरुवार को फ्रेंच क्लब मार्सिले के खिलाफ होने वाले यूरोपा लीग फाइनल में इस रिकॉर्ड को बदलने का मौका होगा।
टोरेस 11 वर्ष की उम्र में 1995 में एटलेटिको मैड्रिड से जुड़े थे और 2001 में 17 वर्ष की उम्र में उन्होंने सीनियर टीम के लिए अपना पहला मैच खेला था।
उन्हें 2003-04 में टीम का कप्तान बनाया गया। उस समय टोरेस की उम्र केवल 19 साल चार महीने और 12 दिन थी।
टोरेस 2007 में इंग्लिश क्लब लिवरपूल से जुड़े, जहां दुनिया ने उनके बेहतरीन खेले को देखा। वह 2008 में विश्व के सर्वश्रेष्ठ फुटबाल खिलाड़ी की रेस में तीसरे स्थान पर रहे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने 2010 में फीफा वर्ल्ड कप और 2012 में यूरोपीय चैम्पियनशिप जीता।
लिवरपूल के बाद टोरेस चेल्सी से जुड़े। उन्होंने चेल्सी से खेलते हुए 2012 में चैम्पियंस लीग का खिताब भी जीता।
वह 2015 वापस एटलेटिको मैड्रिड से जुड़े।
टोरेस ने क्लब छोड़ने के अपने निर्णय पर कहा, \"\"मौजूदा स्थिति को देखते हुए, मैं समझता हूं कि क्लब छोड़ने का यह बेहतर समय है।\"\"
--आईएएनएस