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डाउनलोड करेंरांची. झारखंड विधानसभा के न्यायाधिकरण में पहली बार 20 अप्रैल को दल बदल का आरोप झेल रहे छह विधायकों में से एक नवीन जायसवाल अपना पक्ष रखेंगे। शुक्रवार को दल बदल मामले में फंसे विधायकों के मामले में स्पीकर डॉ.दिनेश उरांव के न्यायाधिकरण में जानकी यादव के आठ गवाहों में से मात्र दो ही गवाह आए। अब बाकी छह गवाहों को 20 अप्रैल को ही गवाही देने के लिए अंतिम मौका दिया गया है। अगर वे नहीं आए तो स्पीकर उस दिन उनकी गवाही क्लोज कर देंगे।
वादी पक्ष के सीनियर एडवोकेट आरएन सहाय ने बताया कि पांच बड़े नामों में त्रिवेंद्र सिंह रावत, रविंद्र राय, महेश पोद्दार, संजय सेठ और शेखर अग्रवाल उर्फ चंद्रशेखर अग्रवाल के नाम शामिल हैं। इसके अलावा एक गवाह दुर्गा प्रसाद चौधरी भी हैँ। शुक्रवार को विधायक जानकी यादव की ओर से बसंत साहू और सुखदेव यादव ने अपनी गवाही दी।
दोनों ने पुरानी बातों को दुहराते हुए कहा कि 8 फरवरी 2014 को दलादली में झाविमो की बैठक हुई थी जिसमें सर्वसम्मति से झाविमो का भाजपा में विलय का निर्णय लिया गया था। इसके पूर्व सुनवाई शुरू होते ही प्रतिवादी पक्ष के वकील ने यह बताना चाहा कि उसके मात्र दो गवाह आए हैं और अगली तिथि में शेष सभी छह गवाह आ जाएंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो गवाहों को क्लोज किया जा सकता है।
फिलहाल चुनाव में व्यस्त रहने की वजह से ही शेष बचे छह गवाहों में से चार नहीं आ पाए हैं। उन्होंने आग्रह किया कि 20 अप्रैल के बदले 27 अप्रैल को सुनवाई हो। स्पीकर ने इसे खारिज कर दिया। इधर वादी पक्ष के सीनियर एडवोकेट आरएन सहाय ने फिर से मौका दिए जाने पर आपत्ति जताई।
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