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कांग्रेसियों ने राजीव गांंधी को दी श्रद्धांजलि, ली आतंकवाद के खिलाफ शपथ

3 वर्ष पहले
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इंदौर। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 27वीं पुण्यतिथि पर सोमवार को आम जन ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर याद किया। इंदौर शहर कांग्रेस द्वारा चाेइथराम चौराहे स्थित राजीव गांधी की प्रतिमा के समक्ष आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने की शपथ ली।

 

 

  • पूर्व प्रधानमंत्री की 27 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सोमवार को राजीव गांधी प्रतिमा(चोइथराम चौराहे) पर राजीव गांधी की प्रतिमा पर प्रदेश कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष जीतू पटवारी की उपस्थिती मे कांग्रेसजनों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांसुमन अर्पित की व उनके द्वारा देशहित में किए गए कार्यों को याद किया। कार्यक्रम के दौरान आतंकवाद के खिलाफ शपथ भी ली गई।

 

- कार्यक्रम में पंकज संघवी, सुरेश मिंडा, देवेन्द्र सिंह यादव, अनिल यादव, राजेश चौकसे, सन्नी राजपाल, जौहर मानपूरवाला, प्रकाश महावर, अमन बजाज, तुलसीराम हार्डिया, कविता कुशवाहा, नितेश भारद्वाज, विजय कदम, अनुरोध जैन, संजय बाकलीवाल, ललिता बोरदिया, खुर्शीद मंसुरी, अशोक नालिया, अंलाकार रायकवार, पीतांबर यादव, बलवंत रावल, अजय सितलानी, सुनील गोधा, अनूप शुक्ला, सुनील पाल, सुदामा चौधरी, राहुल तायड़े, प्रदीप तायड़े, आनंद कासलीवाल, दीपक मलोरिया, किशोर धोलधूये, सचिन सिलावट, नितेश नरवले, श्याम अग्रवाल, मनीषा शिरोडकर, किरण जिरेती, राखी दुबे, राजू शर्मा, यतिन्द्र वर्मा, मनीष मिंडा, राहुल त्रिपाठी, राजकुमार जाधव, निर्मल मलोरिया, कपिल सिसौदिया आदि उपस्थित थे।

 

 दमदार और प्रभावशाली शख्सियत 
 देश की बेहद दमदार और प्रभावशाली शख्सियत थे  राजीव गांधी। इनका जन्म 20 अगस्त, 1944 को मुंबई में हुआ था। वे जवाहर लाल नेहरू के प्रपौत्र और फिरोज गांधी व देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र थे। 1981 में वे कांग्रेस पार्टी के महासचिव और अपनी मां की हत्या के बाद देश के प्रधानमंत्री  (1984-1989) बने। उस दौरान उन्होंने सरकारी नौकरशाही में सुधार लाने तथा देश की अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के लिए कदम उठाए। उन्हें देश में सूचना प्रौद्योगिकी और संचार क्रांति का जनक भी कहा जाता है। अपने प्रधानमंत्री काल में श्रीलंका में शांति प्रयासों के लिए भारतीय सैन्य टुकड़ियों को भी वहां भेजा, जिसके चलते वे लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ऐलम (लिट्टे) के निशाने पर आ गए। 21 मई 1991 को रात तकरीबन 10 बजकर 10 मिनट पर तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में उन्हें उस समय बम से उड़ा दिया गया था जब वो एक चुनावी रैली को संबोधित करने जा रहे थे।

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