टुसूु गीत गाते हुए सुवर्णरेखा नदी तट पर जाकर टूसू को नदी में विसर्जित किया

News - भांगा पुल सह बसंधाघाट मेला तुलिन में बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लासपूर्ण तरीके से बुधवार को मनाया गया। इस अवसर पर...

Jan 16, 2020, 07:26 AM IST
Muri News - tusu immerses tusu in the river while singing tusu song on the banks of suvarnarekha river
भांगा पुल सह बसंधाघाट मेला तुलिन में बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लासपूर्ण तरीके से बुधवार को मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आस पास ग्रामीण क्षेत्र से लोग गाजे बाजे के साथ टूसू लिए टूसू गीत गाते हुए मेला पह़ुंचे और पूरा मेला एक छोर से दूसरे छोर तक घूम घूमकर टुसु गीत गाते हुए सुवर्णरेखा नदी तट पर जाकर टूसू को नदी में विसर्जित कर दिए। इसके बाद लोगों ने मेला परिसर में स्थित कई देवी देवताओं के मंदिर में जाकर दर्शन भी किए। मेला परिसर में सैकड़ों दुकानें लगी थी, इसमें ईख, वैलून, खिलौने, घर में उपयोग की जाने वाली सामने समेत चाट गोलगप्पा आदि शामिल है। लोगों ने इसमें जमकर खरीददारी भी किए। मेला की खासियत ये है कि जहां पर मेला लगता है उस पार बंगाल पड़ता है । वहीं नदी इस पार झारखण्ड याने मुरी क्षेत्र पड़ता है बीच में स्वर्णरेखा नदी दोनेा को यहां पर अलग करती है। अपितु बंगाल क्षेत्र जाने के लिए नदी पार करना पड़ता है इसके यिे मेला समिति की ओर से लकड़ी का पुल बनाया जाता है जिससे होकर झारखण्ड क्षेत्र के लोग उस पार मेला देखने के लिए जाते है। दूसरी खास अहम बात है कि यहां पर ब्रिटिश काल के समय एक रेल पुल बनाया गया था जो पूर्णता टूट चुका है। सिर्फ पीलर बचे हुए है। जबकि यहां पर आदिकाल में एक घट बना हुआ था जिसपर खुद भगवान श्रीकृष्ण का पदार्पण हुआ था उक्त बाते क्षेत्र के पूर्वजों का कहना है। तब से ये बांधाघाट के नाम से जाना जाता है। मेला समापन के पूर्व टूसू प्रदर्शनी में अव्वल आने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मुर्गा लड़ाई भी हुए। सुरक्षा के पुख्ता इन्तजाम स्थानीय तुलिन ओपी पुलिस एवं ओपी पुलिस मुरी द्वारा किया गया था। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में मकर मेला समिति तुलिन के सभी सदस्यों की अहम भूमिका रही।

भांगा पुल सुवर्णरेखा नदी पर उमड़ी भीड़।

सुवर्णरेखा नदी में हजारों ने लगायी आस्था की डूबकी, मंदिरों में पूजा अर्चना भी किए

मक्रर संक्राति के पावन अवसर पर आज तड़के सुबह हजारों लोगों ने सुवर्णरेखा नदी में आस्था की डूबकी लगायी स्वच्छ वस्त्र पहन नदी एवं निकटस्थ मंदिरों में पूजा अर्चना की प्रासाद के रुप में तिलकूट चूड़ा गूड़ एवं पीठा का जमकर आनन्द भी लिया। इधर स्नान के लिए पुरुलिया जिला के जयपुर गौरीनाथ धाम, बैगनकुदर, कोटषिला, झालदा आदि क्षेत्रों से काफी संख्या में लोग विभिन्न गाड़ियों से मुरी पह़ुंचे और नदी में स्नान कर पूजा अर्चना भी किये एवं घर से लाये व्यजनों का जमकर लुप्त भी उठाये। वहीं बच्चों को पानी में किलकारी भी करते हुए देखा गया। लोगों में काफी उत्साह देखा गया । रेलवे सुरक्षा बल द्वारा पुख्ता इन्तजाम किया गया था।

मुरी टुंगरी पहाड़ पर लगने वाला माघ मेला आज

मुरी टुंगरी पहाड़ पर हर वर्ष की भाति इस वर्ष भी लगने वाला माघ मेला गुरुवार को आयोजित किया गया है मेला की तैयारी पूरी कर ली गयी है। इस मेला में विधायक से लेकर सांसद के भी पहुंचने की प्रबल संभावनाएं हैं। इसकी जानकारी मेला आयोजन समिति द्वारा दी गयी है।

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