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अफवाह फैलाने और हिंसा भड़काने वालों पर ट्विटर ने की कार्रवाई, 2 महीने में 7 करोड़ फर्जी खाते बंद

ट्रोल और भद्दी पोस्ट से निपटने के लिए मई-जून में चलाया खाते बंद करने का विशेष अभियान।

Danik Bhaskar | Jul 07, 2018, 12:09 PM IST
  • मई 2018 में हर हफ्ते करीब एक करोड़ संदिग्ध खातों की पहचान हुई
  • टेक्नोलॉजी में बदलाव करने से फर्जी खातों का पता लगाना आसान हुआ

सैन फ्रांसिस्को. ट्विटर ने सात करोड़ फर्जी खाते बंद कर दिए हैं। कंपनी ने मई और जून में विशेष मुहिम छेड़कर ऐसे खातों की पहचान की जिन्हें ट्रोल और अफवाह फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, राजनीतिक दबाव बढ़ने के बाद ट्विटर ने ये कार्रवाई की है।

दूसरे देशों से कंट्रोल किए जा रहे फर्जी खातों पर निगरानी नहीं रख पाने की वजह से अमेरिकी संसद ने ट्विटर की निंदा की थी। सांसदों ने कहा था कि अफवाह फैलाने वाले इन खातों की वजह से अमेरिका की राजनीति प्रभावित हो सकती है। ट्विटर के सूत्रों के मुताबिक, खाते बंद करने की दर अक्टूबर की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा हो गई। पिछले कुछ महीनों के दौरान एक दिन में 10-10 लाख खाते बंद किए गए।

भारत में भी ट्विटर पर सबसे ज्यादा ट्रोल के मामले सामने आते हैं। कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता प्रियंका चतुर्वेदी और उनकी बेटी को फर्जी ट्विटर अकाउंट से धमकी दी गई। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भी ट्रोल किया गया था। भारत में ट्विटर के 3.04 करोड़ यूजर हैं। 2019 तक इनकी संख्या 3.44 करोड़ पहुंचने का अनुमान है।

पिछले महीने ट्विटर ने बदली थी पॉलिसी : अपने प्लेटफॉर्म पर नफरत और हिंसा फैलाने वाली पोस्ट से निपटने के लिए ट्विटर ने पिछले महीने पॉलिसी में बदलाव किए थे। इसके लिए नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का ऐलान किया था। कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट डेल हार्वे ने कहा, "ये सुनिश्चित किया जाएगा कि ट्विटर के जरिए लोगों को विश्वसनीय, प्रासंगिक और उच्च गुणवत्ता वाली सूचनाएं मिल सकें।" संदिग्ध खातों पर ट्विटर की इस कार्रवाई का असर इसके यूजर की संख्या पर पड़ सकता है। अप्रैल-जून तिमाही के आंकड़े आना बाकी है जिसमें यूजर की संख्या घट सकती है।

भारत में सोशल मीडिया पर सरकार भी सख्त : दो महीने में अलग-अलग राज्यों में भीड़ ने सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों की वजह से 22 से ज्यादा लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी। इनमें ज्यादातर वॉट्सऐप से जुड़े मामले थे। गृह मंत्रालय ने हाल ही में राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए कदम उठाए जाएं।