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डाउनलोड करेंसूरत. शहर के डिंडोली की मानसी रेजिडेंसी में रहने वाले दो परिवारों ने सोमवार को एक साथ अपने इकलौते चिराग खो दिए। दोपहर साढ़े 12 बजे घर से नमकीन लाने निकले दोनों बच्चे बाहर खड़ी कार में बैठ गए। इनके बैठते ही कार का गेट लॉक हो गया। धूप में कई घंटे लॉक रहने के बाद तपिश और घुटन के चलते दोनों बच्चों की सांसें थम गईं।
दो परिवारों के बुझे चिराग-700 परिवार गमगीन
700 परिवारों वाली मानसी रेजिडेंसी सोमवार से मातम में डूबी है। यह शोक और सन्नाटा चार और पांच साल के दो अजीज दोस्तों विराज (लालू) और हेलीश केे अचानक दुनिया से चले जाने से पसरा है। सोमवार दोपहर निकले तो थे नमकीन लाने, लेकिन अनलॉक छोड़ दी गई कार देखकर बैठने की इच्छा हो गई। लेकिन उन्हें और परिवार को क्या पता कि दो दिन से खुले में खड़ी कार और अनलॉक छोड़ने की लापरवाही ही उनकी मौत की वजह बन जाएगी।
विराज के पिता बिना खाए-पिए बेसुध पड़े हैं, तो दूसरे के पिता का भी ऐसा ही हाल है। दोनों बच्चों की माताओं के आंसू सूख चुके हैं। दोनों के माता-पिता का मन तो बार-बार यही कह रहा है कि दोनों बच्चे नमकीन लेकर आते ही होंगे। शाम के समय कुर्सियों पर लोग बैठे तो नजर आए, लेकिन कुछ बोलने की स्थिती में नहीं थे। कुछ पड़ोसियों ने दोनों मासूम की दोस्ती यूं बयां की। चार-पांच मकान की दूरी दोनों बच्चों ने खत्म कर दी थी। जब से छुट्टी हुई थी, दोनों एक साथ ज्यादा समय बिताते थे।
डॉक्टर मुकेश पाराशर का कहना है कि शरीर में इतना पानी होता है कि 51 डिग्री पर तपती कार में भी चार-पांच साल के मासूम तीन घंटे तक जिंदा रह सकते हैं। यानी आिखरी समय में करीब तीन घंटे तक दोनों तड़पे होंगे।
...और साथ ही निकली अर्थी
मंगलवार को मानसी रेजीडेंसी से दोनों बच्चों विराज और हेलीश की अर्थी भी साथ निकली। अर्थी के साथ चल रहे 500 से ज्यादा लोग गमगीन थे। दोनों की अंतिम यात्रा जिधर से गुजरी देखने वाले लोग भी आंखों से आंसू नहीं रोक पाए।
जली त्वचा के कारण लोगों को हत्या का शक
परिजनों समेत पड़ोसी बच्चों की हत्या की आशंका जता रहे हैं। पड़ोसियों का आरोप है कि जिस गाड़ी में बच्चों का शव मिला, वह करीब चार बजे खड़ी की गई थी, जबकि बच्चे दोपहर 12 बजे घर से निकले थे। अगर बच्चे कार में बंद थे तो किसी की नजर तो पड़ती। जरूर कोई बच्चे को फिरौती के लिए ले गया था। मामला खुलने के डर से बच्चों की हत्या कर शव कार में रखकर फरार हो गया होगा। जली हुई त्वचा से उन पर एसिड डालने की आंशका भी लोग जता रहे हैं।
श्वास नली में खाना फंसने से बंद हुई सांसें
विराज और हेलीश की मौत का सही कारण जानने के लिए पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर इलियास शेख ने बताया कि दोनों बच्चों ने उल्टी की थी। उनकी श्वास नली में खाना अटका हुआ मिला। श्वास नली में खाना अटकने से सांसें रुक गईं, उसी वक्त घुटन और गर्मी भी काफी थी। प्राथमिक रिपोर्ट में मौत की वजह यही बताई जा रही है। सोसायटी के लोग थाने गए थे, लेकिन पुलिस ने रिपार्ट लिखने से मना कर दिया था।
दुकानदार ने घर जाने को कहा था
सोमवार दोपहर 12 बजे दोनों बच्चे सोसाइटी के अंदर ही थोड़ी दूरी पर ही दुकान पर सेव-चिप्स लेने गए थे। दुकानदार के अनुसार, उन्हें सेव देकर घर जाने को कहा था। बाद में दोनों बच्चे कार में बंद मिले। एफएसएल की टीम के अनुसार हो सकता है बच्चों के कार के अंदर चले जाने के बाद किसी हरकत से गाड़ी का सेंट्रलाइज लॉक ( चाइल्ड लॉक) ऑन हो गया हो और बच्चे अंदर ही फंस गए हों।
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