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रात भर बच्चों की सलामती की दुआएं मांगते रहे लोग, सुबह मिली लाश तो रो पड़ा पूरा गांव

3 वर्ष पहले
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जमशेदपुर. यूसील डैम का पानी छोड़ने के बाद बहकर मरे दो मासूमों के शव को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शनिवार की शाम परिजनों के हवाले कर दिया। एक साथ दो बच्चों की अर्थी उठने के बाद परिवार सहित पूरे गांव में मातम छा गया। दोनों बच्चे आसपास के ही रहने वाले थे। दोनों को नदी में ही दफना दिया गया। गांव में शव पहुंचते ही दोनों बच्चों की माताएं बदहवास होकर शव से लिपट गईं। वह चीखती चिल्लाती रहीं और कहती रहीं दोनों घरों का चिराग एक साथ बुझ गए। 

परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। इधर ग्रामीणों शोक व्याप्त है। वहीं यूसील प्रबंधन की ओर से मृतक बच्चों के परिजनों को 10-10 हजार की सहायता राशि दी गई।

 

पत्थर में फंसा मिला बच्चे का शव   
 

लापता बच्चे का शव शनिवार की सुबह ईचड़ा नदी घाट पर पत्थर के नीचे दबा मिल। सुबह ईचड़ा गांव के कुछ युवक स्नान करने के लिए नदी में गए थे। उसी समय उन्होंने देखा कि एक बच्चे का शव नदी के बीच पत्थर में फंसा हुआ है। इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को निकाल कर लापता बच्चे के पिता को दिखाया गया। उन्होंने पुष्टि की कि यह रवि दास का ही शव है। उसके बाद उसे यूसील अस्पताल लाया गया।

 

3 बच्चे एक ही गांव के थे निवासी
 

शुक्रवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे गुर्रा नदी में तीन बच्चे मछली पकड़ने गए थे। सभी राखा माइंस स्टेशन से सटे बनडीह गांव के थे।  मोहन माहली का सबसे बड़ा पुत्र मृतक भीम माहली (7)   बनडीह निवासी था। वहीं जिंदा बचा 6 वर्षीय आजाद हेंब्रम  बनडीह के ही काला हेंब्रम का पुत्र है। लापता रवि दास (12)  का शव आज सुबह मिला।  वह बनडीह निवासी अनिल दास का बेटा है।  जादूगोड़ा पुलिस और ग्रामीणों ने रातभर रवि को खोजते रहे पर वह नहीं मिला।  इसमें मुखिया लक्ष्मी चरण सिंह ने भी पूरा सहयोग किया। काफी खोजबीन करने के बाद भी जब शव नहीं मिला तो, देर रात सभी घर वापस लौट आए। 

 

अब किसके साथ खेलेंगे : आजाद  
 

घटना के बारे में जिंदा बचा आजाद ने बताया कि तीनों पक्का दोस्त थे। अब वह दोनों के बिना किसके साथ खेलेगा। उसने बताया कि गांव से कुछ दूर स्थित दीनबंधु कुष्ठ आश्रम के सामने नदी में मछली पकड़ रहे थे। इसी बीच नदी पर बने यूसील बराज से पानी छोड़ दिया गया। बच्चों को देख कुछ लोगों ने उन्हें सावधान भी किया। मगर जब तक तीनों नदी से जबतक बाहर निकल पाते। पानी के तेज बहाव ने तीनों को अपने आगोश में ले लिया। जिसमें एक को ग्रामीणों ने बचा लिया।

 

 

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