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एक पारी में 2 नई गेंदों पर बहस: सचिन ने कहा-इससे वनडे क्रिकेट बर्बाद होगा; विराट बोले-गेंदबाजी मुश्किल दौर में

अक्टूबर 2011 से वनडे की एक पारी में दो नई गेंदों का इस्तेमाल शुरू हुआ था।

Danik Bhaskar | Jun 23, 2018, 11:44 AM IST
  • वनडे में एक पारी में 25 ओवर के बाद बदली जाती है गेंद, इससे रिवर्स स्विंग देखने को नहीं मिलती
  • दो नई गेंदों का नियम लागू होने के बाद वनडे में 300+ का स्कोर ज्यादा बनने लगा

नई दिल्ली. वनडे क्रिकेट में एक पारी में 2 नई गेंदों के इस्तेमाल पर बहस शुरू हो गई है। सचिन तेंडुलकर का मानना है कि इससे वनडे क्रिकेट बर्बाद हो जाएगा। सचिन ने वनडे मुकाबलों में बन रहे बड़े-बड़े स्कोर पर शुक्रवार को चिंता जाहिर की। सचिन के ट्वीट के बाद विराट कोहली ने भी कहा, ''वनडे का मौजूदा खेल गेंदबाजों के लिए क्रूर और मुश्किल हो गया है।'' अक्टूबर 2011 से वनडे की एक पारी में दो नई गेंदों का इस्तेमाल शुरू हुआ था।

इंग्लैंड के 44.4 ओवर में मैच जीतने के बाद शुरू हुई बहस : दो गेंदों के इस्तेमाल पर बहस शुक्रवार को उस वक्त शुरू हुई जब इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया से मिले 311 रन के लक्ष्य को 45वें ओवर में ही हासिल कर लिया। इसके बाद सचिन ने ट्वीट कर कहा, "वनडे में दो गेंदों के इस्तेमाल की वजह से गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग कराने का मौका ही नहीं मिल पाता है। हमने डेथ ओवरों में लंबे समय से रिवर्स स्विंग नहीं देखी। वक्त आ गया है कि दो नई गेंदों के इस्तेमाल के फैसले की समीक्षा की जाए।" सचिन के बाद कोहली ने आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मैंने तब भी वनडे क्रिकेट खेला है, जब सिर्फ एक नई गेंद इस्तेमाल होती थी। तब पारी के दूसरे हाफ में रिवर्स स्विंग एक बड़ा फैक्टर हुआ करती थी। मेरा मानना है कि बल्लेबाज के लिए उसे खेलना ज्यादा चुनौतीभरा था।"

वकार और ब्रॉड ने किया सचिन का समर्थन : उधर, वकार यूनुस ने सचिन के ट्वीट पर रिट्वीट किया। उन्होंने लिखा, "यही वजह है कि अब आक्रामक तेज गेंदबाज नहीं निकल रहे। सभी रक्षात्मक खेलते हैं और परिवर्तन की तलाश में रहते हैं। सचिन से पूरी तरह सहमत हूं। रिवर्स स्विंग गायब ही हो गई है।" इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड ने कहा, "मुझे वास्तव में रिवर्स स्विंग देखना बहुत रोमांचक लगता है। मैं इसे सफेद गेंद के खेल में फिर से देखना चाहता हूं।" न्यूजीलैंड के गेंदबाज मिशेल जॉन मैकक्लेनहन ने इस नियम की समीक्षा के बाद बेहतर नतीजे निकलने की उम्मीद जताई।

इंग्लैंड के नाम सबसे बड़ा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड: 19 जून को इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के तीसरे वनडे में 6 विकेट पर 481 रन बनाए थे। पुरुष वनडे का यह सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले न्यूजीलैंड की महिला टीम ने आयरलैंड के खिलाफ 490 रन बनाए थे। ये वनडे क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर है।

25 ओवर के बाद बदलती है गेंद : वनडे में एक पारी में 2 नई गेंदों का इस्तेमाल अक्टूबर 2011 से शुरू हुआ। एक पारी में एक गेंद का इस्तेमाल अधिकतम 25 ओवर तक ही किया जा सकता है। इसका मतलब है कि एक पारी के दौरान गेंद ज्यादा पुरानी नहीं होती। यह रिवर्स स्विंग के लिए अच्छा नहीं है। पुरानी गेंद पसंद करने वाले स्पिनरों के लिए भी मौजूदा दौर चुनौतीभरा हो गया है। नई गेंद के खिलाफ आखिरी 10 ओवर में बल्लेबाजों के लिए रन बनाना ज्यादा आसान हो गया है। भारत इस नियम का पिछले कई साल से विरोध कर रहा है।

खेल रोचक बनाने के लिए लाया गया था नियम : यह नियम इसलिए लाया गया था, क्योंकि वनडे में 15 से 40 ओवर्स के दौरान कम रन बनने के कारण खेल रोचक नहीं रह गया था। दो नई गेंदों के इस्तेमाल के पीछे मानना था कि इससे तेज गेंदबाजों को ज्यादा स्विंग मिलेगी। 2007 से पहले सफेद गेंद में यह समस्या आती थी कि कुछ ओवरों बाद वह मटमैली हो जाती थी। इसके हल के लिए आईसीसी ने 2010 में 34 ओवर के बाद गेंद को बदलना अनिवार्य किया था।

सचिन तेंडुलकर ने वनडे में सबसे ज्यादा 18.426 रन बनाए हैं। - फाइल सचिन तेंडुलकर ने वनडे में सबसे ज्यादा 18.426 रन बनाए हैं। - फाइल
टेस्ट में भी सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंडुलकर के नाम है। उन्होंने 15,921 रन बनाए हैं। - फाइल टेस्ट में भी सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंडुलकर के नाम है। उन्होंने 15,921 रन बनाए हैं। - फाइल