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पड़ोसी ने मुंह पर कपड़ा रख रोकी महिला की सांस, फिर दूसरा करने लगा था रेप

3 वर्ष पहले
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 यमुनानगर। 67 दिन बाद रामनगर कॉलोनी में हुए बीडीपीओ आॅफिस की महिला क्लर्क हत्याकांड को सीआईए वन ने ट्रेस कर लिया है। जो पड़ोसी जगाधरी शहर थाना पुलिस के शक के दायरे में भी नहीं थे, वे ही सीआईए वन की जांच में आरोपी निकले। सीआईए वन ने गुलाब नगर निवासी विनोद उर्फ मिठू और ऋषिपाल को गिरफ्तार किया। दोनों को चार दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने वारदात कबूल कर ली है। महिला के घर से लूटी गई नकदी, ज्वैलरी समेत अन्य साक्ष्य रिमांड के दौरान जुटाए जाएंगे। 


सीआईए वन इंचार्ज सुनील कुमार ने बताया कि मृतका 57 वर्षीय महिला से आरोपी ऋषिपाल (54) ने रेप किया था। इसके बाद 34 वर्षीय विनोद ने मुंह पर कपड़ा रखकर और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। दोनों ने ढाई माह तक इस वारदात को अंजाम देने के लिए दिनरात रैकी की। दोनों आरोपियों की क्रिमिनल बैकग्राउंड रही है। विनोद को हत्या और लूट के मामले में 20 साल सजा हो चुकी है। वह हाईकोर्ट से जमानत पर है। वहीं ऋषिपाल चार लूट के मामलों में नामजद है। वह भी जमानत पर था। 


ऐसे आए पकड़ में 
सीआईए वन इंचार्ज सुनील कुमार ने बताया कि एक माह पहले यह केस उनके पास ट्रांसफर हुआ। उन्होंने महिला के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली और करीबियों की लिस्ट तैयार की। एक-एक करीबी से पूछताछ की, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। पुलिस ने एरिया के क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले लोगों का डाटा जुटाया। उनसे पूछताछ की तो सामने आया कि गुलाब नगर निवासी विनोद पहले भी आईपीसी की धारा-460 में नामजद रह चुका है। उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने पूरा राज उगल दिया। उसने बताया कि वारदात मेें पड़ोसी ऋषिपाल भी साथ था। मृतक महिला और आरोपियों के घर में एक गली का फांसला है। इस वारदात को ट्रेस करने में सब इंस्पेक्टर जोगिंद्र सिंह, एएसआई जसविंद्र लालर, एएसआई मनोज वालिया, सुखविंद्र सिंह, रोहित, आजाद, विपिन और संदीप ने कड़ी मेहनत की। 


ढाई माह रेकी की, अब किए का पछतावा 
आरोपी ऋषिपाल और विनोद ने पूछताछ में बताया कि उन्हें पता चला था कि महिला सरकारी नौकरी में है और अकेली रहती है। इसलिए उसके पास अच्छे पैसे होंगे। उन्होंने उसके घर में रात के समय चोरी की प्लानिंग बनाई। यह प्लानिंग ढाई माह पहले बनाई थी। इसके लिए उन्होंने महिला की सुबह और शाम के समय रैकी की। पता चला कि वह अलसुबह चार बजे सैर के लिए जाती है। अलसुबह उठकर महिला की रेकी की। इसके बाद चार फरवरी को शराब पीकर पूरी घटना को अंजाम दिया। आरोपियों का कहना है कि उन्हें घटना का पछतावा है। वे हत्या के इरादे से नहीं गए थे। नशे की हालत में होने से दीवार फांदते समय आवाज होने से महिला नींद से जाग गई थी। उन्होंने खुद को फंसता देख हत्या की। 


शराब पीकर घुसे घर में, आहट से महिला जागी 
विनोद ने बताया कि चार फरवरी की शाम के समय वह और ऋषिपाल ने घर पर ही शराब पी। देर रात तक वे शराब पीते रहे और उन्होंने बीडीपीओ क्लर्क के घर में घुसने का फैसला लिया। वे घर से एक लोहे की रॉड लेकर रात करीब एक बजे निकले। विनोद महिला के घर की दीवार फांदकर अंदर चला गया। जैसे ही गेट खोलने लगा तो महिला जागकर कमरे से बाहर आ गई। इस दौरान उसने विरोध किया तो उन्होंने महिला को पकड़ लिया और उसे कमरे में अंदर ले गए। अंदर ले जाकर उन्होंने उसे बेड पर गिरा दिया। उसने महिला के मुंह पर कपड़ा रखकर उसकी सांस रोक दी। इस दौरान ऋषिपाल ने महिला से रेप किया। ऋषिपाल रेप करता रहा और उसने महिला का गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। मौत के बाद उन्होंने महिला के पैरों से पाजेब और कानों से सोने की बालियां निकाल लीं। इसके बाद उन्होंने पूरे घर को खंगाला। अलमारी को रॉड से खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह पूरी तरह नहीं खुली। अलमारी में हाथ डालकर उसमें रखा बैग उठा लिया। उसमें 1800 रुपए थे। पूरा घर खंगालने के बाद वे दीवार फांदकर ही वापस निकल लिए। 


-जैसा आरोपी विनोद ने पुलिस पूछताछ में बताया 
दोनों का क्रिमिनल रिकॉर्ड 
पुलिस के अनुसार ऋषिपाल पर साल 2012 में छप्पर और सदर जगाधरी थाना के एरिया में लूट की चार वारदातों में शामिल रहा है। ये सभी मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। वह जमानत पर है। आरोपी मजदूरी करता है। वहीं विनोद ने साल 2005 में बिलासपुर के गांव नगली में बुजुर्ग महिला की लूट के बाद हत्या कर दी गई थी। उस मामले में पुलिस ने विनाेद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। तीनों को 20-20 साल की सजा हुई थी। सात साल बाद विनोद को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। वह अविवाहित है और मजदूरी करता है।