अंडर-19 की सबसे तेज धाविका ने लगाया टेक्निकल ऑफिशियल पर पक्षपात का आरोप

Hamirpur News - दो दिन पूर्व ही राज्य स्तरीय स्कूली अंडर-19 एथलेटिक्स प्रतियोगिता में प्रदेश की सबसे तेज धाविका बनने का गौरव हासिल...

Bhaskar News Network

Oct 23, 2019, 07:21 AM IST
Hamirpur News - u 1939s fastest runner accuses technical official of bias
दो दिन पूर्व ही राज्य स्तरीय स्कूली अंडर-19 एथलेटिक्स प्रतियोगिता में प्रदेश की सबसे तेज धाविका बनने का गौरव हासिल करने वाली दिव्या ने एथलेटिक मीट के टेक्निकल ऑफिशियल पर पक्षपात का आरोप जड़ा है। दिव्या का आरोप है कि इस मीट में उसके सबसे ज्यादा अंक होने के बावजूद कम अंकों वाली महिला खिलाड़ी को सर्वश्रेष्ठ धाविका का पुरस्कार दे दिया गया उसके साथ जानबूझकर सौतेला व्यवहार किया गया है। अगर दोषी टेक्निकल ऑफिशियल के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें अपना हक नहीं मिला तो वे इस मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी। दिन-रात कड़ी मेहनत करके ऐसे मुकाम को ग्राउंड पर हासिल करने के बावजूद अगर खिलाड़ियों के साथ ऐसा व्यवहार होगा तो फिर उनका प्रदर्शन भी इससे कहीं ना कहीं प्रभावित होगा। मीट में 11 जिलों के 600 खिलाडी आए थे।

स्थानीय बाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 19 से 21 अक्टूबर तक प्रदेश की राज्य स्तरीय अंडर-19 स्कूल एथलेटिक्स प्रतियोगिता आयोजित की गई है। इस प्रतियोगिता में हमीरपुर की दिव्या राजपूत ने 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश की सबसे तेज धाविका बनने का गौरव हासिल किया था। उन्होंने इस प्रतियोगिता में 200 मीटर में भी स्वर्ण पदक जीता जबकि लंबी कूद में रजत पदक मिला। दिव्या जोकि ब्लू स्टार सीनियर सेकेंडरी स्कूल हमीरपुर में 10वीं की छात्रा है ने बताया कि इस प्रतियोगिता में उन्हें जानबूझकर मानसिक रूप से परेशान किया गया है।

प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ धावक में धाविका का चयन अंकों के आधार पर किया जाता है। पहले स्थान वाले को पांच दूसरे को तीन और तीसरे स्थान पर आने वाले खिलाड़ी को एक अंक दिया जाता है। जिस खिलाड़ी के अंकों का जोड़ सबसे अधिक होता है उसे यह पुरस्कार दिया जाता है। पिछले साल भी हमीरपुर में जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में अंकों के आधार पर तीन लड़कियों को सर्वश्रेष्ठ धाविका का पुरस्कार दिया गया था। लेकिन कुछ टीचर अपनी सहूलियत के मुताबिक अपने धावकों को लाभ देने के लिए नियमों में भी फेरबदल करते रहते हैं। दिव्या ने बताया कि इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने सबसे ज्यादा पदक जीते थे। जिसके मुताबिक उनके 13 अंक बनते थे लेकिन 10 अंक हासिल करने वाली धाविका को जानबूझकर यह पुरस्कार दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब धाविका के कोच और स्टेट टेक्निकल ऑफिशियल की मिलीभगत से हुआ है। जिससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना मिली है। अगर न्याय नहीं मिला तो वे कोर्ट में जाएंगी।

दिव्या के कोच पवन वर्मा ने कहा कि जहां भी गलती हुई है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। न्याय नहीं मिला तो इसके लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।

हमीरपुर की छात्रा दिव्या


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