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चेहरे से आधार वेरिफिकेशन सेवा अब 1 अगस्त से, रेटिना या फिंगरप्रिंट मैच न होने वाले लोगों को फायदा

यूआईडीएआई के सीईओ ने बताया कि इस सेवा को हम पूरी तैयारी के साथ ही शुरू करेंगे।

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2018, 11:44 AM IST
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गैजेट डेस्क। आधार जारी करने वाली संस्था यूनिक आईडेंटीफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने आधार वेरिफिकेशन के लिए फेस रिकग्निशन (चेहरे के जरिए पहचान) की सर्विस शुरू करने की तारीख एक महीने के लिए टाल दी है। अब इस सर्विस को 1 अगस्त से शुरू किया जाएगा। इस बात की जानकारी यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने दी। उन्होंने बताया कि इस सर्विस को शुरू करने की तैयारी की जा रही है और हम पूरी तैयारी के साथ इसे 1 अगस्त से शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि इस सर्विस को शुरू करने के लिए अभी और समय की जरुरत है।

यूआईडीएआई ने क्या बताया?

- यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने बताया कि हम फेस अथॉन्टिकेशन की सर्विस को 1 अगस्त से शुरू करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। तारीख आगे बढ़ाने का मतलब ये नहीं है कि हम इस टेक्नोलॉजी को कहीं से खरीदेंगे, बल्कि हम इसे और डेवलप करेंगे।
- उन्होंने बताया कि हम इस पर काम कर रहे हैं और इसे पूरी तैयारी के साथ ही शुरू किया जाएगा। हम इसे शुरू करने से पहले इसकी पूरी तैयारी करना चाहते हैं और इसलिए इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया।
- अजय भूषण पांडे ने बताया कि 1 अगस्त से हम इसे यूजर एजेंसियों के लिए शुरू करने जा रहे हैं। उसके बाद हम देखेंगे कि कहीं कोई दिक्कत तो नहीं है या कोई सुधार की जरुरत तो नहीं है, उसके बाद इन सभी परेशानियों को दूर करके इसे सभी यूजर्स के लिए शुरू किया जाएगा।

क्या होगा इससे फायदा?

- इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा, जिन लोगों की किसी कारण से आईरिस (रेटिना) या फिंगरप्रिंट मैच नहीं करते हैं।
- यूआईडीएआई के मुताबिक, बुजुर्ग होने पर या फिर किसी कारण से फिंगरप्रिंट मैच नहीं कर पाते हैं और इससे वेरिफिकेशन नहीं हो पाता है, लेकिन ये सर्विस शुरू होने से ऐसे लोगों को फायदा मिलेगा।
- हालांकि फेस रिकग्निशन की सुविधा सभी लोगों के लिए नहीं रहेगी यानी कि ये सिर्फ उन लोगों के लिए ही रहेगी, जिनके फिंगरप्रिंट, आईरिस मैच नहीं हो पाते हैं या फिर ओटीपी नहीं आ पाता है।
- यूआईडीएआई का कहना है कि ये सर्विस सिक्योरिटी के लिए एक एक्स्ट्रा लेयर के तौर पर काम करेगी और इसे खासतौर से सीनियर सिटीजन और फिंगरप्रिंट नहीं देने वालों के लिए शुरू किया जाएगा।

121 करोड़ लोगों के पास है आधार

- रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2018 तक भारत में 1.21 बिलियन यानी 121 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड है। इसका मतलब भारत की 99% पॉपुलेशन आधार कार्ड होल्डर है।

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