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थाइलैंड के बच्चाें की तरह अगर आप भी फंस जाएं गुफा जैसी जगह तो खुद से कहें 'ऑल इज़ वेल'

Dainik Bhaskar

Jul 10, 2018, 06:58 PM IST

लंदन मिलिट्री के सर्वाइवल मैन्युअल इंस्ट्रक्टर जॉन हुडसन से जानते हैं ऐसी स्थिति को कैसे हैंडल करना चाहिए...

बच्चों के घरवालों ने अस्पताल क बच्चों के घरवालों ने अस्पताल क
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हैल्थ डेस्क. 23 जून को थाईलैंड की थाम लुआंग गुफा में 12 बच्चे और कोच फंस गए थे। जिसके बाद से 9 दिनों तक चले तलाश अभियान के बाद इन बच्चों के गुफा में फंसे होने की बात पता चली। 11वें बच्चे को भी मंगलवार को निकाल लिया गया। अक्सर ऐसी घटनाएं सुनने में आती हैं। ज्यादातर मामलों में घटनास्थल पर फंसे लोग घबरा जाते हैं और जीने की आस छोड़ने लगते हैं। सबसे बड़ा सवाल उठता कि ऐसी स्थिति में क्या करें और क्या न करें। लंदन मिलिट्री के सर्वाइवल मैन्युअल इंस्ट्रक्टर जॉन हुडसन से जानते हैं ऐसी स्थिति को कैसे हैंडल करना चाहिए...

8 प्वाइंट्स में जानते हैं क्या करें और क्या न करें
1. उम्मीद न खोएं

इंस्ट्रक्टर जॉन हुडसन के अनुसार कभी भी उम्मीद न खोएं, हताश न हों। एक इंसान गुफा में जितने दिन तक जिंदा रह सकता है उससे ज्यादा समय रेस्क्यू टीम इंसान को खोजकर उसकी मदद करने में बिताती है। इसलिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है। सबसे ज्यादा जरूरी है धैर्य रखना ताकि मेंटली एक्टिव रहें और बाहर निकलने का रास्ता समझ सकें।

2. अच्छी बातों को याद करें
ऐसी स्थिति में फिजिकल से ज्यादा मेंटली मजबूत होना जरूरी है। इसलिए नकारात्मक विचारों से बचें और अच्छी चीजों के बारे में सोचें। इससे मानसिक सुकून मिलेगा साथ ही बाहर निकलने के लिए कोई न कोई उपाय सूझेगा। मेंटल बैलेंस न खोने दें साथ ही मौजूद दूसरे लोगों को भी ऐसा करने के लिए कहें।

3. अधिक गहराई में न जाएं
रास्ता ढूंढने के दौरान गुफा की गहराई में अधिक न जाएं क्योंकि ज्यादातर गुफाओं में जाने का रास्ता एक ही होता है। इसलिए ज्यादा गहराई में जाने पर अधिक फंसने का डर होता है बाहर निकलने में दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा जैसे-जैसे आगे बढ़ते हैं आॅक्सीजन और रोशनी भी कम होती जाती है। ये संकेत है कि इधर जाना ठीक नहीं है।

4. भगदड़ जैसी स्थिति न बनने दें
ज्यादातर फंसे हुए लोगों के मन में घबराहट के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन जाती है। इससे बाहर निकलना बेहद जरूरी है। थाईलैंड की थाम लुआंग गुफा के मामले में भी कोच और एक बच्चे का दिमागीतौर पर शांत होना ही मदद की वजह बना है। धैर्य के साथ बचाव का उपाय सोचेंगे तो समस्या का हल ढूंढ पाएंगे।

5. पानी में न उतरें
ऐसी जगहों पर पक्षी और रेप्टाइल्स अपना ठिकाना बनाते हैं इसलिए पानी में न उतरें। सुरक्षित जगह पर बैठें। अगर पानी ठहरा हुआ है तो इसे पीने से बचें। इससे इंफेक्शन होने पर स्थिति और भी बिगड़ सकती है। धैर्य के साथ रोशनी की तलाश करें इससे ही रास्ता मिलना संभव हो सकता है।

6. सुरक्षित जगह पर बैठें
जॉन के मुताबिक ऐसी स्थिति में कभी भी डरकर इधर-उधर भागे नहीं। अगर ऐसी जगह जहां अंधेरा है और आॅक्सीजन की कमी है तो सबसे पहले ऐसी जगह तलाश करें जहां आसानी से ठहरा जा सके। सुरक्षित जगह पर बैठें। आॅक्सीजन की पूर्ति जरूरी है इसलिए धीरे-धीरे खुली जगह पर जाने की कोशिश करें।

7. चमगादड़ या पक्षियों से डरें नहीं
जॉन कहते हैं कि अक्सर गुफा में पानी, अंधेरा के अलावा सबसे ज्यादा चमगादड़ परेशान करते हैं। डर की स्थिति में ये आपकी समस्या को और भी बढ़ाते हैं। इस पर अधिक ध्यान न दें और रास्ता ढूंढने की कोशिश जारी रखें।

8. कॉन्टैक्ट नहीं हो सकता है, ये न सोचें
अकेले हैं या ग्रुप में हैं, किसी भी स्थिति मदद से किसी को कॉन्टैक्ट करने की कोशिश करें। आसपास कोई न दिखने पर लोग या फोन न होने पर ये समझ लिया जाता है कि किसी से कॉन्टेक्ट नहीं हो सकता है जबकि ऐसा नहीं है। लगातार प्रयास जारी रहना चाहिए।

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