हाईवे पर घूमते हैं लावारिस पशु, हादसा होने का डर
आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या से नगर निगम के अंतर्गत पड़ने वाले क्षेत्र के लोग तो परेशान थे ही अब तो मवेशी हाईवे पर भी जगह-जगह देखे जा सकते हैं। जीरकपुर से परवाणु हिमालयन एक्सप्रेस हाईवे पर अकसर रोड पर मवेशी झुंड में देखे जा सकते हैं। सूरजपुर से लेकर परवाणु तक हाईवे पर इनकी ज्यादा संख्या रहती है। अकसर लोग दूध निकालने के बाद गाय व भैंसों को चरने के लिए छोड़ देते हैं जो हाईवे के किनारों व डिवाईडर पर लगी हरी घास खाने के लिए रोड पर आ जाते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा बुधवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे पिंजौर प्रवेश पर हाईवे की ट्रैफिक लाइट पर था जहां पर करीब आधा दर्जन मवेशी टी पॉइंट की लाइट के बीच रोड पर खड़े हुए थे, टी पॉठंट पर लाइटों का सिगनल मिलने पर तीनों ओर से आने वाला ट्रैफिक निकलता रहा लेकिन यह मवेशी सड़क के बीच में से टस से मस नहीं हुए। हालांकि शिमला की ओर से आने व जाने वाले तेज रफ्तार वाहनों को इनके कारण काफी परेशानी भी हुई। अकसर मवेशी रोड पर ही आपस में लड़ने लगते हैं। कब किसी वाहन से टकरा जाए पता ही नहीं चलता। करीब 2 पूर्व चंडीमंदिर के पास हाईवे पर ऐसे ही 2 मवेशी आपस में लड़ते हुए एक कार से टकरा गए थे। जिसमें कार मालिक योगेश कुमार की गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई और एक गाय भी घायल हो गई थी। रात के समय इन मवेशियों से वाहनों के लिए ओर ज्यादा खतरा हो जाता है क्योंकि हाईवे पर चंडीमंदिर से लेकर पिंजौर टी पॉइंट तक कहीं भी रोड पर लाइट नहीं है। रात को सामने से वाहनों की लाइट पड़ने से रोड पर कोई जानवर नहीं दिखाई देता। इससे रात को भी कई बार सड़क हादसे हो चुके हैं। लोगों ने कहा कि कंपनी वाले चंडीमंदिर वाहनों का मोटा टोल तो वसूल रहे हैं, लेकिन उनके लिए हाईवे मवेशियों से सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। उधर नगर निगम भी डेवल्पमेंट वसूल रहा है, लेकिन आवारा मवेशियों से सुरक्षा के लिए उन्होंने भी कोई अंभीरता से कदम नहीं उठाया।