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डेटा को लेकर नीतिगत स्तर पर कमजोर दिखता भारत- करंट अफेयर्स पर अंडर 30 की सोच

डेटा संग्रहण पर निगाह जरूर रखी जानी चाहिए तथा समय-समय पर उल्लंघन होने पर नकेल भी कसी जानी चाहिए।

ममता कुमारी | Last Modified - Jun 14, 2018, 12:59 AM IST

डेटा को लेकर नीतिगत स्तर पर कमजोर दिखता भारत- करंट अफेयर्स पर अंडर 30 की सोच

ब्रिटिश एनालिटिक्स और फेसबुक के डेटा लीक प्रकरण के बाद भी बहुराष्ट्रीय कम्पनियों द्वारा डेटा संग्रहण और उसमें सेंधमारी की गुंज़ाइश बनी हुई है। भारत डेटा के मामले में सुभेद्य होने के बावजूद नीतिगत और रणनीतिक मोर्चे पर कमज़ोर नज़र आ रहा है। देश में यह समस्या किस कदर बढ़ गई है इसका एक उदाहरण अभी हाल ही में एमेजॉन इंडिया के पुणे स्थित कार्यालय में मिला, जहां से 60 कर्मचारियों को बाहर किया गया है। इसके पीछे अन्य कारणों के साथ डेटा लीक की समस्या भी एक कारण था। ग्राहकों के निजी डेटा का कंपनी के कर्मचारियों द्वारा व्यक्तिगत कारणों से दुरुपयोग करना उनके नौकरी से निकाले जाने का मुख्य कारण था। हालांकि, इस घटना से किसी बड़ी गड़बड़ी की बात सामने नहीं आई लेकिन, डेटा चोरी किया जाना कितना आसान है यह साफ जाहिर हो जाता है।


इसके अलावा पेटीएम जैसे एेप, जिसमें चीन के व्यापारिक समूह शेयरहोल्डर है, ग्राहकों के आधार व अन्य दस्तावेजों की जानकारी ले रहे हैं, जो केवाईसी के लिए अनिवार्य है। अब यह डेटा कितना सुरक्षित है यह दावे के साथ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि कोबरा पोस्ट ने अपने स्टिंग में पेटीएम के एक वरिष्ठ कर्मचारी को यह कहते दिखाया है कि किस तरह उनका एप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंच उपलब्ध करा रहा है। वहां से न सिर्फ किताबों का प्रचार संभव है बल्कि विचारधारा के स्तर पर भी लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया जा सकता है। उन्होंने अपने ग्राहकों का डेटा शेयर किए जाने की बात को भी कबूला है।


ऑनलाइन खरीदारी करने के मामले में भारत दुनिया के अग्रणी देशों में से है लेकिन, इतनी बड़ी संख्या में बैंक संबंधित संवेदनशील जानकारी इन कंपनियों के पास होना स्वयं उनके लिए चुनौतीपूर्ण तो हो ही सकता है साथ ही किसी बड़े खतरे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए भारतीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक तंत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए इसके मूल सिद्धांत, हस्तक्षेपकारी राज्य का प्रयोग आवश्यक है। डेटा संग्रहण पर निगाह जरूर रखी जानी चाहिए तथा समय-समय पर उल्लंघन होने पर नकेल भी कसी जानी चाहिए।

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