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इस स्कूल में बच्चे किताबों के बजाय पशु-पक्षियों से सीखते हैं

3 वर्ष पहले
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सूरत। यहां के दो युवाओं ने एक ऐसा प्ले स्कूल की शुरुआत की है, जहां बच्चे बिना किताबों के पढ़ रहे हैं। बच्चों को प्रकृति के करीब रखने के लिए पेड़-पौधे, पशु-पक्षियों का इंतजाम किया गया है। पिपलोद इलाके में स्थित इस प्ले स्कूल में बच्चे पक्षियों को खाना खिलाते हैं, खरगोश के साथ खेलते हैं और पौधों को पानी भी देते हैं। मनपसंद गाने और मूवी भी...

 

यहां बच्चों के मनपसंद गीत सुनने और मूवी देखने की व्यवस्था है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यह इस तरह का देश का पहला स्कूल है। इस स्कूल के सह संस्थापक मलय पटेल ने बताया कि मुझे और मेरे भाई जय पटेल को पूरे चार साल सिर्फ स्कूल का डिजाइन और कॉन्सेप्ट सोचने में लग गए। दुनिया भर की शिक्षा पद्धतियों का अध्ययन किया। बच्चों के स्वाभाविक विकास के लिए नए तरीके के स्कूल की शुरुआत की। स्कूल में सिर्फ 3 शिक्षक हैं, जिन्हें बच्चे अंकल-आंटी बुलाते हैं। रण से मंगाई गई रेत में बच्चे खेलते हैं, क्लाइंबिंग भी करते हैं।

 

 
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