• महाभारत के फैक्ट, unknown facts about mahabharata in hindi, ashwthana and dronacharya in mahabharata
--Advertisement--

द्रोणाचार्य की ये एक गलती अश्वथामा को पड़ी भारी, अधिकतर लोग नहीं जानते ये बात

महाभारत में कई ऐसी बातें हैं, जिन्हें अधिकतर लोग जानते नहीं हैं।

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2018, 04:07 PM IST
महाभारत के फैक्ट, unknown facts about mahabharata in hindi, ashwthana and dronacharya in mahabharata

यूटिलिटी डेस्क। घर-परिवार में अधिकतर लोग अपने बच्चों से बहुत अधिक मोह रखते हैं। इसकी वजह से बच्चों को गलतियों पर डांटते नहीं हैं, सही शिक्षा नहीं देते और दूसरे बच्चों के साथ भेदभाव रखते हैं। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। बच्चों से अत्यधिक मोह के कारण क्या-क्या परेशानियां हो सकती हैं। महाभारत के इस प्रसंग से समझ सकते हैं।

महाभारत में गुरु द्रोण को अपने पुत्र अश्वथामा से बहुत प्यार था। इसी कारण वे शिक्षा में भी अन्य छात्रों से भेदभाव करते थे। जब उन्हें सभी कौरव और पांडव राजकुमारों को चक्रव्यूह की रचना और उसे तोड़ने के तरीके सिखाने थे तो उन्होंने शर्त रख दी कि जो राजकुमार नदी से घड़ा भरकर सबसे पहले पहुंचेगा, उसे ही चक्रव्यूह की रचना सिखाई जाएगी। सभी राजकुमारों को बड़े घड़े दिए जाते, लेकिन अश्वत्थामा को छोटा घड़ा देते ताकि वो जल्दी से भरकर पहुंच सके। सिर्फ अर्जुन ही ये बात समझ पाया और राजकुमार अर्जुन भी जल्दी ही घड़ा भरकर पहुंच जाता।

जब द्रोणाचार्य ने सिखाया ब्रह्मास्त्र चलाना

जब धनुर्विद्या सिखाते समय ब्रह्मास्त्र का उपयोग करने की बारी आई तो उस समय भी द्रोणाचार्य के पास दो ही छात्र पहुंचे थे, अर्जुन और अश्वत्थामा। उस समय अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र की पूरी विधि नहीं सीखी। ब्रह्मास्त्र चलाना तो सीख लिया, लेकिन लौटाने की विधि नहीं सीखी। उसने सोचा गुरु तो मेरे पिता ही हैं, कभी भी सीख सकता हूं। द्रोणाचार्य ने भी इस बात पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन इसका खामियाजा अश्वथामा को भुगतना पड़ा। महाभारत युद्ध के बाद जब अर्जुन और अश्वत्थामा ने एक-दूसरे पर ब्रह्मास्त्र चलाया तो वेद व्यास के कहने पर अर्जुन ने अपना ब्रह्मास्त्र लौटा लिया। अश्वत्थामा ने नहीं लौटाया, क्योंकि उसे इसकी विधि पता ही नहीं थी। इस कारण अश्वथामा को श्रीकृष्ण शाप मिला। उसकी मणि निकाल ली गई और कलियुग अंत तक धरती पर भटकने के लिए छोड़ दिया गया।

अगर द्रोणाचार्य अपने पुत्र मोह पर काबू रखकर उसे भी सही शिक्षा देते और अन्य राजकुमारों के साथ भेदभाव नहीं करते तो शायद अश्वत्थामा को कभी भी इस तरह की सजा नहीं भुगतनी पड़ती।

ये भी पढ़ें-

इन 2 राशियों पर मेहरबान रहते हैं शनिदेव, जानिए 5-5 खास बातें

राशिफल- 18 अप्रैल से शनि होगा वक्री, नाम अक्षर से जानें किन राशियों का होगा भाग्योदय

X
महाभारत के फैक्ट, unknown facts about mahabharata in hindi, ashwthana and dronacharya in mahabharata
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..