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डाउनलोड करेंलखनऊ। उन्नाव गैंगरेप मामले में बुधवार को सीबीआई ने जिले के माखी थाने के तत्कालीन थानेदार अशोक सिंह भदौरिया और दरोगा कामता प्रसाद सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर दुष्कर्म तथा लड़की के पिता की जेल में हत्या के मामले में गिरफ्तार भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मदद करने का आरोप है। दोनों को आज लखनऊ में सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पूछताछ के लिए बुलाया था, किया गिरफ्तार
- सीबीआई के आईजी जीएन गोस्वामी ने बताया कि अशोक सिंह भदौरिया और कामता प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों को सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया था जिसके बाद गिरफ्तारी की गई है।
- दोनों आरोपितों सहित माखी थाने के छह पुलिसकर्मियों को एसआइटी की जांच के बाद निलंबित कर दिया गया था।
- गौरतलब है कि पिछले दिनों मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी को लेकर हाईकोर्ट ने सीबीआई पर सवाल खड़े किए थे।
सीबीआई के हाथ लगे कई सुराग
- सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जांच में पीडि़त लड़की के पिता की हत्या के मामले की जांच में सीबीआई को कई अहम सबूत मिले हैं।
- सूत्रों के अनुसार तत्कालीन एसओ सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने लड़की के पिता को जेल भेजने के इरादे से ही फर्जी तरीके से पिस्टल की बरामदगी दिखाई थी।
- जांच में ये भी पता चला है कि थानेदार सहित अन्य पुलिसकर्मी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के दबाव में थे।
क्या है पूरा मामला
- मामला पिछले साल 4 जून का है। 17 साल की किशोरी की मां ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत कुछ लोगों के खिलाफ रेप की शिकायत की थी।
- 3 अप्रैल को विधायक के भाई अतुल ने मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया।
- 8 अप्रैल रविवार को पीड़िता ने परिवार समेत मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया था।।
- 9 अप्रैल को पीड़िता के पिता की उन्नाव जेल में मौत हो गई। महिला ने उन्नाव में परिवार के खिलाफ कई झूठे मुकदमे दर्ज कराए जाने का भी आरोप लगाया था।
- मामले में माखी थाने के एसओ समेत 6 कॉन्स्टेबल पहले ही सस्पेंड किए जा चुके हैं।
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