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डाउनलोड करेंइलाहाबाद. उन्नाव गैंगरेप केस में सीबीआई ने सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत उन्नाव में चल रहे केस पर रोक लगा दी है। वहीं, मामले में पीड़िता की मां ने हाईकोर्ट में एक हलफनामा दाखिल करके सीबीआई पर निष्पक्ष जांच नहीं करने का आरोप लगाया है।
- पीड़िता की मां ने कहा है कि सीबीआई ने उसकी एफआईआर से अलग एफआईआर दर्ज की है। बता दें कि इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डीबी भोंसले और जस्टिस सुनीत कुमार की बेंच कर रही है। मामले की अगली सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में 30 मई को होगी।
- सीबीआई ने मामले के मुख्य आरोपी बीजेपी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को रविवार (20 मई) को दो दिन की रिमांड पर लिया है। जानकारी के मुताबिक सीबीआई रिमांड के दौरान कुलदीप सिंह सेंगर और माखी एसओ अशोक सिंह सिसौदिया व एसआई केपी सिंह का आमना सामना कराएगी।
CBI ने 17 अप्रैल को किया था माखी एसओ को गिरफ्तार
- 17 मई को सीबीआई ने उन्नाव जिले के माखी थाने के तत्कालीन थानेदार अशोक सिंह भदौरिया और दरोगा कामता प्रसाद सिंह को गिरफ्तार किया। दोनों पर दुष्कर्म तथा लड़की के पिता की जेल में हत्या के मामले में गिरफ्तार भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मदद करने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला
- मामला पिछले साल 4 जून का है। 17 साल की किशोरी की मां ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत कुछ लोगों के खिलाफ रेप की शिकायत की थी।
- 3 अप्रैल को विधायक के भाई अतुल ने मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया।
- 8 अप्रैल रविवार को पीड़िता ने परिवार समेत मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया था।।
- 9 अप्रैल को पीड़िता के पिता की उन्नाव जेल में मौत हो गई। महिला ने उन्नाव में परिवार के खिलाफ कई झूठे मुकदमे दर्ज कराए जाने का भी आरोप लगाया था।
- मामले में माखी थाने के एसओ समेत 6 कॉन्स्टेबल पहले ही सस्पेंड किए जा चुके हैं।
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