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डाउनलोड करेंलखनऊ. यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद, इलाहाबाद द्वारा इस बर्ष बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं का परिणाम 29 अप्रैल को घोषित किया जाएगा। यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी। बता दें कि 6 फरवरी से 12 मार्च के बीच परीक्षाएं आयोजित की गईं थीं और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 17 मार्च से शुरू हुआ था।
इस बार यूपी बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में गुणात्मक सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए इस बार कई प्रयोग किए। यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव के मुताबिक पहले यूपी बोर्ड का रिजल्ट मई के आखिरी हफ्ते या फिर जून माह में घोषित किया जाता था। जिससे छात्र-छात्राओं को कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने में काफी दिक्कतें भी होती थी। समय से पहले रिजल्ट घोषित होने से छात्र-छात्राओं को समय से अगली कक्षाओं में प्रवेश भी मिलेगा और छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं में भी आसानी से सम्मिलित हो सकेंगे।
नकल रोकने के लिए उठाए गए थे कड़े कदम
- नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए इस बार कई बदलाव किए गए थे। प्रदेश में पहली बार गड़बड़ी रोकने के लिए सॉफ्टवेयर के माध्यम से केंद्र निर्धारण किया गया था।
- सभी संवेदनशील, अतिसंवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए कड़े निर्देश दिए गए थे।
- बोर्ड की परीक्षा के दौरान सेंटर पर टीचर्स के भी स्मार्टफोन के यूज पर रोक लगाई गई थी।
- परीक्षा के दौरान संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर एसटीएफ नजर रखेगी और एलआईयू नकल माफियाओं को अपने राडार पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी लगवाए गए थे।
- नकल रोकने के लिए 3 सदस्यीय कमेटी मॉनिटरिंग कर रही थी।
पहली बार क्या-क्या हो रहा है ?
- पहली बार परीक्षा केन्द्रों में नकल रोकने के लिए सीसीटीवी लगाए गए थे।
- STF सादे कपड़े में परीक्षा केन्द्रों में निगरानी कर रही थी।
- सेंटर से 100 मीटर की दूरी पर मीडियाकर्मियों को रोक लगाई गई थी।
- परिजन नहीं पहुंच सकते सेंटर तक।
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