एक वेश्या के कायल थे रानी लक्ष्मी बाई के पति, तोहफे में दिया था बाग

6 वर्ष पहले
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झांसी. रानी लक्ष्मी बाई के इतिहास को लेकर लोगों में उत्सुकता रही है। 2009 में 'झांसी की रानी' नाम से आए सीरियल में काफी ऐसे फैक्ट्स दिखाए गए, जो वास्तव में झूठ हैं। इनमें से एक बड़ा झूठ रहा राजा गंगाधर राव का वेश्या मोतीबाई के साथ संबंध। 18 जून को लक्ष्मी बाई के 58वें शहादत दिवस के मौके पर हम आपको उनके ऐसे ही सच और झूठ के बारे में बता रहे हैं। 'वेश्या' मोतीबाई से कैसे थे राजा गंगाधर राव के संबंध...
- झांसी नरेश गंगाधर राव साहित्य और ललित कलाओं के रसिक थे। संस्कृत नाटकों का अनुवाद हिंदी और मराठी में कराकर अभिनय करवाते थे।
- उनकी नाटकशाला में शुमार मोतीबाई एक कुशल अभिनेत्री थी।
- वृन्दावन लाल वर्मा के उपन्यास 'झांसी की रानी' के मुताबिक मोतीबाई एक वेश्या की बेटी थी, लेकिन वह खुद इस धंधे में लिप्त नहीं थी।
- राजा ने मोतीबाई के अभिनय से खुश होकर झांसी के ओरछा दरवाजे के पास स्थित एक बड़ा बाग़ जागीर में दिया था।
- अब यहां एक मस्जिद बनी हुई है।
आगे क्लिक कर जानिए, सिल्वर स्क्रीन पर लक्ष्मी बाई की जिंदगी पर बोले गए कौन-कौन से झूठ...
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