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डाउनलोड करेंनोएडा. एक सिपाही द्वारा पुलिस के आला अफसरों किए गए ट्वीट बाद हंगामा मचा हुआ है। सिपाही के ट्वीट पर संज्ञान लेते हुए पुलिस कप्तान ने क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर सहित 16 पुलिसवालों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। इस मामले की जांच नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह को सौंपी है।
- जानकारी के अनुसार एक सिपाही ने अपराध रोकने के लिए गठित क्राइम ब्रांच के अफसरों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए उत्तर प्रदेश के डीजीपी से लेकर जिले के पुलिस कप्तान तक को ट्वीट किया है।
- सिपाही ने ट्वीट के जरिए एसपी, इंस्पेक्टर, अधिकारियों की पेशी मैं तैनात कर्मचारी, अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका आरोप है कि क्राइम ब्रांच के अधिकारी हर माह रिश्वत के रूप में लाखों रुपए वसूल रहे हैं।
- सिपाही ने ट्वीट के जरिए फोन नंबर देकर अफसरों को अवगत कराया है क्राइम ब्रांच के लोग कहां-कहां से रिश्वत लेते हैं। उसने नकली सीमेंट बेचने वाले, होटल चलाने वाले, सरिया चोरी का धंधा करने वाले, नकली डीजल बेचने वाले, सट्टा जुआ चलाने वालों के अलावा कई तरह के और अनैतिक कार्य करने वाले लोगों से वसूली जाने वाली रकम का ब्यौरा दिया है।
कितनी वसूली करते हैं पुलिसवाले
- ट्वीट में उसने आरोप लगाया है कि जनपद में तैनात एसपी स्तर के एक अधिकारी प्रतिमाह 25 हजार रुपए रिश्वत लेते हैं। इस आरोप के चलते पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
- सिपाही ने हाल ही में नोएडा पुलिस द्वारा एक मुठभेड़ में मारे गए श्रवन नामक बदमाश के एनकाउंटर पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। सिपाही ने लिखा है कि श्रवन के एनकाउंटर करवाने वाले व्यक्ति को 50 हजार रुपया दिया गया है साथ ही 50 हजार रुपया अभी देना है। इस खुलासे से इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि श्रवन को पुलिस ने वास्तविक एनकाउंटर में मारा या उसे पकड़ कर मारा गया।
-आरोप है कि कुछ माह पहले ही एक हत्या के मामले में कुछ पुलिसवालों द्वारा डेढ़ करोड़ की रिश्वत लेने का मामला संज्ञान में आया था। उस मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने उस प्रकरण में शामिल 3 दरोगाओं का तबादला पूर्वांचल में कर दिया था। सूत्र बताते हैं कि जनपद में तैनात कई अधिकारी खुलेआम अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं।
क्या कहना है अधिकारी का
- इस बाबत पूछने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ अजय पाल ने बताया कि सिपाही के ट्वीट को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर सहित 16 पुलिस वालों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
- सोशल मीडिया में लिस्ट वायरल होने के बाद डीजीपी मुख्यालय ने मामले में तत्काल संज्ञाम लेते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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