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मूर्ति विसर्जन को लेकर बनारस में तनाव, हिंयुवा का बंद का आह्वान, पुलिस-पीएसी तैनात

7 वर्ष पहले
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वाराणसी. गंगा नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर मंगलवार को वाराणसी में जमकर बवाल हुआ। आधी रात के बाद पुलिस ने धारा 144 लगा दी और संतों पर जमकर लाठीचार्ज किया। इसमें दर्जनभर से अधिक संत और आम लोग घायल हुए। घायलों में संत अविमुक्तेश्वरानंद भी शामिल हैं। संतों का कहना है कि पुलिस ने अनशन पर बैठे लोगों पर लाठियां बरसाईं।
क्या है मामला?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंगा में मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने रोक लगाने के साथ ही यह भी आदेश दिया था कि सरकार मूर्तियों के विसर्जन के लिए कोई दूसरा सिस्टम बनाए। इसी को लेकर विवाद चल रहा है। धार्मिक संगठन गंगा में प्रतिमा विसर्जन पर अड़े हैं।
दिन में भी हुई थी नोकझोंक
प्रशासन की रोक के विरोध में गणेश पूजा समिति, संत समाज, हिंदू युवा वाहिनी ने बनारस बंद का आह्वान किया था। सुबह दुकानों को बंद कराना शुरू कर दिया। इसे लेकर गोदौलिया और गिरजाघर के पास पुलिस से उनकी जमकर नोकझोंक भी हुई। तनाव को देखते हुए वहां कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी भी तैनात की गई थी। वहीं, शंकराचार्य के प्रतिनिधि बनकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भी वहां पहुंचे और उन्होंने भी कमेटी को समर्थन दिया।
कब से हो रहा है विवाद?
काशी मराठा गणेश उत्सव समिति सोमवार की शाम 6 बजे गंगा में गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए दशाश्वमेध घाट जा रही थी। गंगा में मूर्ति विसर्जन को लेकर जिला प्रशासन ने गोदौलिया चौराहे के पास ही मूर्ति को रोक दिया। पुलिस के रोकते ही समिति से जुड़े सैकड़ों लोग और अन्य नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। भीड़ को देखते हुए मेयर राम गोपाल मोहले, एसपी सिटी समेत कई थाने की फोर्स मौके पर पहुंच गई।
महाराष्ट्र में भी रोकेंगे मूर्ति विसर्जन
गणेश उत्सव समिति के अध्यक्ष संतोष पाटिल का कहना है कि महाराष्ट्र में भी कई समिति के लोग उनके समर्थन में आ गए हैं। विसर्जन से रोका गया तो मुंबई में भी लोग मूर्ति रोक सकते हैं। समिति के महामंत्री अन्ना मोरे ने बताया एक दशक से ऊपर से काशी मराठा गणेश उत्सव समिति पूजन करती आ रही है। मूर्ति विसर्जन उनकी आस्था से जुड़ा है। कोर्ट को दोबारा विचार करना चाहिए।
संतों ने की निंदा
महंत बालक दास ने बताया भारत साधु-संतों का देश है। आज की सरकार संतों को पिटवा रही है। यह शर्मनाक घटना है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि पुलिस ने धोखे से लोगों को पीटा है। कोर्ट के आदेश का पालन करवाने के लिए भक्तों के साथ तालिबानी तरीका अपनाया गया है। यह बात नासिक कुंभ तक जाएगी।
मोदी पर साधा निशाना
कांग्रेसी विधायक अजय राय ने कहा कि बनारस का सांसद खामोश क्यों है? 18 तारीख को नरेंद्र मोदी काशी आए, तो शिक्षा मित्रों की तरह गंगा में मूर्ति विसर्जन पर क्यों नहीं बोले? अब उनकी आस्था कहां गई? वहीं, सपा के पूर्व राज्य मंत्री मनोज राय धूपचंडी ने कहा कि शहर का अमन-चैन बिगाड़ने की ये बीजेपी की साजिश है। सांसद सूटकेस लेकर आते हैं और कहते है गंगा ने बुलाया है, इस मुद्दे पर वह अपना रुख स्पष्ट करें।
कोर्ट के आदेश का होना चाहिए पालन
मेयर राम गोपाल मोहले का कहना है हाईकोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए। समिति से बात की थी वो लोग नहीं माने।
फोटोज: ओपी मिश्रा
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