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मनमुताबिक तरक्की देगा दुर्गासप्तशती का यह सरस्वती मंत्र

शुक्रवार को यह सरस्वती मंत्र बोलें। हर क्षेत्र में मनचाही तरक्की व सफलता मिलेगी।

Danik Bhaskar | Jun 15, 2012, 07:55 AM IST

जीवन के हर कदम पर, हर काम या लक्ष्य में छोटी या बड़ी सफलता सकारात्मक विचार व ऊर्जा के साथ बेहतर काम के लिए भी प्रेरित करती है। यही कारण है कि बचपन से लेकर बुढ़ापे तक या विद्यार्थी जीवन से लेकर कार्यक्षेत्र तक हर जगह सफलता व तरक्की की चाहत सबसे ऊपर होती है।
ऐसे ही सफल जीवन के लिए सबसे जरूरी और निर्णायक होते हैं - ज्ञान, जानकारी, शिक्षा और बुद्धि बल। विद्या, बुद्धि और विवेक इंसान को हर वक्त आगे रखने और बढ़ने में अहम साबित होते हैं, जिसके लिए ज्ञान की अधिष्ठात्री माता सरस्वती का ध्यान श्रेष्ठ माना गया है। माता वाणी, कला और वैभव संपन्न भी बनाती हैं।
शुक्रवार या हर रोज सुबह देवी सरस्वती के विशेष मंत्र का स्मरण शिक्षा हो या कार्यक्षेत्र हर स्थिति में मनचाही सफलता व तरक्की की चाहत को पूरा करने वाला माना गया है। पौराणिक मान्यताओं में इस देवी मंत्र की स्तुति से पतञ्जलि मुनि ने देवी भक्त कात्यायन को शास्त्रार्थ में हराया और दुर्गासप्तशती के उत्तर चरित्र की महिमा स्थापित की।
- देवी उपासना के विशेष दिन स्नान के बाद यथासंभव सफेद वस्त्र पहन देवी सरस्वती की सफेद पूजा सामग्रियों, जिनमें सफेद चंदन, सफेद फूल और फूल माला, अक्षत, सफेद वस्त्र व दूध की मिठाई शामिल हो, अर्पित करें।
- धूप व दीप जलाकर सफेद आसन पर बैठ देवी के नीचे लिखे मंत्र का ध्यान करें -
नमो देव्यै महामूर्त्र्यै सर्वमूर्त्र्यै नमो नम:।
शिवायै सर्वमाङ्गल्यै विष्णुमाये च ते नम:।।
त्वमेव श्रद्धा बुद्धिस्त्वं मेधा विद्या शिवंकरी।
शान्तिर्वाणी त्वेमवासि नारायणि नमो नम:।।
- पूजा व मंत्र स्मरण के बाद देवी सरस्वती की धूप व दीप आरती करें। सुख-सफलता व तरक्की की कामना से देवी के चरण वंदन करें।