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डाउनलोड करेंवॉशिंगटन/दमिश्क. आखिरकार यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को सीरिया के खिलाफ जंग का एलान कर दिया। ये हमला बीते हफ्ते केमिकल अटैक के विरोध में हुआ है। इस हमले में अमेरिका के साथ फ्रांस और यूके भी सहयोगी हैं। व्हाइट हाउस की ओर से ट्रम्प के हवाले से कहा गया है कि उन्होंने यूएस आर्म्ड फोर्सेस को सीरिया की बशर अल असद सरकार पर हमले करने का आदेश दे दिया है। बता दें कि पिछले सात साल से सीरिया गृहयुद्ध में उलझा हुआ है। लाखों सीरियाई नागरिकों को दुनिया के दूसरे मुल्कों में शरण लेनी पड़ रही है।
- सीएनएन ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया, ट्रम्प के आदेश के बाद फौरन सीरिया की राजधानी दमिश्क में धमाकों की आवाज सुनी गई है।
- अमेरिका के कई डिफेंस अफसरों के मुताबिक, इस हमले में यूएस एयरक्राफ्ट के अलावा बी-1 बॉम्बर्स और शिप का इस्तेमाल भी किया गया है।
- बता दें कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने रासायनिक हथियारों का प्रयोग किया था। इसमें 60 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
- अमेरिका की तरफ से उस वक्त ही सीरिया के खिलाफ काफी स्ट्रॉन्ग रिएक्शन देखने को मिला था।
- ट्रंप ने अपनी स्पीच भी कहा कि केमिकल वीपन्स के इस्तेमाल के कारण ही अमेरिका ने सीरिया पर हमला शुरू किया है।
- अमेरिका की इस कार्रवाई में ब्रिटेन और फ्रांस भी शामिल हैं।
खतरनाक हथियारों से कर रहे हैं हमले
- एक टॉप अफसर के मुताबिक, मिसाइल हमलों के निशाने पर सीरिया के कई ठिकाने हैं, इसमें थॉमहॉक क्रूज मिसाइल भी शामिल हैं।
- यूएस प्रेसिडेंट ने सीरिया के साथ खड़े रहने वाले ईरान और रूस को लेकर भी बेहद कड़े शब्दों का प्रयोग किया।
- उन्होंने कहा, 'इन देशों को सोचना होगा कि ये किसका साथ निभा रहे हैं। मासूम लोगों की जान लेनेवालों का आप कैसे साथ निभा सकते हैं?'
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