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डाउनलोड करेंलखनऊ. यूपी की राजधानी के पॉश एरिया में शुमार इंदिरा नगर की बस्ती में मंगलवार को लगी, जिसमें करीब 80 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। शॉर्ट सर्किट की वजह से घरों में रखे दर्जनों छोटे सिलिंडर एक के बाद एक फटने लगे, जिससे आग ने भीषण रूप ले लिया। हादसे में झोपड़ी में फंसी बच्ची को बचाते समय उसकी मां झुलस गई। अफरातफरी के माहौल में एसएचओ मुकुल प्रकाश ने हीरो की भूमिका निभाते हुए दर्जनभर लोगों की जान बचाई।
- आग लगने की जानकारी पाकर सबसे पहले इंदिरानगर थाने के एसओ मुकुल प्रकाश वर्मा थाने की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने चौकियों से भी पुलिसकर्मियों को बुला लिया।
- आग बढ़ती देख पुलिसकर्मियों ने डंडे से झोपड़ियां गिरवानी शुरू कर दीं और आग को आगे बढ़ने से रोक लिया। वहां रहने वाले भी अपनी झोपड़ियों पर पानी फेंकते नजर आए, ताकि गृहस्थी बचा सकें।
- इंदिरानगर थाने से करीब आधा किमी दूर स्थित सूगामऊ गांव के पास करीब 400 कथित बांग्लादेशी झोपड़ियां बनाकर रहते हैं। यहां के निवासी शफीकुल की झोपड़ी में मंगलवार दोपहर सवा दो बजे शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने अन्य झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया।
- आग इतनी भीषण थी कि उसे बुझाने में फायर ब्रिगेड की सात गाड़ियों ने करीब पांच घंटे तक मशक्कत की। उसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।
- झोपड़ियों में छोटे सिलिंडर भी रखे हुए थे। जिन्हें निकालने का मौका नहीं मिला, उनके सिलेंडर झोपड़ियों में ही फट गए।
- सिलेंडर का खतरा मौके पर डटे यूपी पुलिस के जवानों ने भांप लिया था। एसएचओ मुकुल प्रकाश की अगुवाई में पुलिस ने लोगों को वहां से दूर हटा दिया था।
- बस्ती निवासी साफिया की बच्ची तीन झोपड़ियों के बीच फंस गई थी। उसने अपनी जान की परवाह किए बगैर आग में कूदकर बच्ची को निकाल लिया। इस दौरान उनका चेहरा और हाथ झुलस गए।
- सीएफओ अभय भान पाण्डेय ने बताया कि फायर ब्रिगेड की सात गाड़ियों की मदद से आग बुझाई गई। टेल्को से भी एक फायर टेंडर मंगवाया गया था।
- करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन देर रात तक मलबा सुलगता रहा।
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