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डाउनलोड करेंवाराणसी. ट्रैफिक पुलिस ने 17 फरवरी को ब्रिज कॉरपोरेशन के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके सूदन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुल निर्माण के दौरान लापरवाही बरतने व नियमों का पालन न करने पर एसपी ट्रैफिक ने सिगरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। एसपी ने बताया कि पुल निर्माण के दौरान रोड कम होने, प्रोटेक्शन वॉल और ट्रैफिक वॉलंटियर्स के नहीं होने की वजह से केस दर्ज कराया गया था। मंगलवार को निर्माणाधीन पुल हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है और 30 से ज्यादा लोग घायल हैं। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में मारे गए लोगों को 2-2 लाख रुपए और घायलोंं को 50-50 हजार रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
- वहीं, दूसरी तरफ ब्रिज कारपोरेशन के एमडी राजन मित्तल ने दावा किया है कि ट्रैफिक पुलिस को कई बार पत्र लिखकर ट्रैफिक डायवर्जन के लिए कहा गया था, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। माना जा रहा है कि निर्माणाधीन पुल के नीचे अगर ट्रैफिक डायवर्जन लागू होता तो शायद इतनी जनहानि नहीं होती। हादसे के बाद बुधवार को यूपी सेतु निगम के खिलाफ सिगरा थाने में हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
17 को एफआईआर, 22 को लिखा पत्र
- यूपी सेतु निगम लिमिडेट ने 22 फरवरी को एक पत्र पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक) को लिखा था। इसमें कहा था "पिलर संख्या 42 से 65 के बीच (रोडवेज बस स्टैंड और कैंट रेलवे स्टेशन के सामने) खाने पीने वाली सामग्री के ठेले लगते हैं। इस कारण यहां लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। ऐसे में अप्रिय घटना घट सकती है। यहां पुल निर्माण के चलते इलेक्ट्रॉनिक संयत्रों से काम किया जाता है। कहा जा रहा है कि कागजी कारवाई के बजाए, दोनों विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाते तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। ब्रिज कॉरपोरेशन के एमडी राजन मित्तल ने इस हादसे के लिए स्थानीय प्रशासन को भी जिम्मेदार ठहराया है।
पीड़ितों को बांटी गई 75 लाख रुपए की राशि
- पुल दुर्घटना में मृतक एवं घायलों को कुल 75 लाख रुपए की सहायता राशि वितरित की गई। डीएम ने बताया कि 11 मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और 10 घायलों को 2-2 लाख रुपए दिए गए हैं। शेष मृतक के परिजनों और घायलों को भी जल्द मदद की राशि दिए जाने की बात कही।
अक्टूबर, 2015 से शुरू हुआ था पुल निर्माण का काम
- सिगरा थाना क्षेत्र के लहरतारा इलाके में इस पुल निर्माण के लिए 2 मार्च 2015 को 12973.80 लाख रुपए का बजट मंजूर हुआ था, अक्टूबर 2015 में पुल बनना शुरू हुआ। पुल का निर्माण पूरा करने की सीमा अक्टूबर 2018 तय की गई खी, लेकिन अब तक 47 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है।
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