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कर्ज से परेशान लोगों को घर में करने चाहिए 5 तरह के बदलाव,

वास्तु शास्त्र के अनुसार ईशान कोण, नैऋत्य कोण और उत्तर दिशा को आर्थिक स्थिति के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 05:36 PM IST

मयशिल्पशास्त्र और बिम्बमान नाम के वास्तु ग्रंथों के अनुसार घर में थोड़े से बदलाव कर के ही धन हानि और कर्जे से बचा जा सकता है। इन ग्रंथों में आर्थिक संपन्नता और लक्ष्मी आकर्षण के तरीको के बारे में बताया गया है। वास्तु के इन शास्त्रों के अनुसार ईशान कोण (पूर्व-उत्तर के बीच वाली दिशा), नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम के बीच वाली दिशा) और उत्तर दिशा को आर्थिक स्थिति के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। घर के इन हिस्सों में गड़बड़ी होने के कारण कर्जा होता है। इन दिशाओं से जुड़े वास्तु के उपाय किए जाए तो कर्जे और धन हानि से परेशान लोगों को राहत मिलेगी।

पढ़ें वास्तु अनुसार कर्जे से बचने के उपाय -


- घर का ईशान कोण गंदा नहीं होना चाहिए। इस हिस्से में गंदगी होने से उस घर में लक्ष्मीजी का वास नहीं होता। ऐसे घर में रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहती और वो लगातार कर्जे से परेशान रहते हैं।

- घर के पूर्व और उत्तर दिशा के बीच वाले हिस्से को हल्का बनाएं। इस जगह रखी भारी चीजें हटाएं। घर का ये वाला हिस्सा नहीं होना चाहिए अगर ऐसा है तो इसके ठीक सामने यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा के बीच वाले हिस्से को उंचा बना दें। घर का ये भाग भारी होने पर कर्जे से छुटकारा मिल जाता है।

- अपने घर में भूमिगत जल स्थान यानी पानी का टेंक ईशान कोण में होना चाहिए। इससे पैसा रुकने लगता है और कर्जा नहीं होता, वहीं नैऋत्य कोण में पानी का टैंक होने से कर्जा बढ़ जाता है और उस घर में रहने वाले लोगों को कोई न कोई बीमारी परेशान कर सकती है।

- आपके घर में पैसे रखने का स्थान दक्षिण दिशा में हो और उस तिजोरी का खुलने वाला हिस्सा उत्तर दिशा की ओर हाेना चाहिए। जिससे उस घर में रहने वाले लोगों पर कर्जा नहीं होगा और पैसा रुकने लगेगा।