पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करें- सीडीएससीओ को पहले शिकायतें मिली थीं कि कॉस्मेटिक्स में जानवरों की चर्बी सहित कुछ दूसरे अंश मिले होते हैं
- वेज और नॉन वेज आइटम में साफ फर्क दिखाने के लिए जैन समुदाय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने इसकी मांग की
नई दिल्ली. खाने-पीने की चीजों की तर्ज पर अब साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, फेसवॉश, हेयर डाई जैसे कॉस्मेटिक्स के पैकेट पर भी हरे और लाल रंग के निशान दिखेंगे। हरा निशान वेज और लाल नॉन वेज को दिखाता है। वेज और नॉन वेज आइटम में साफ फर्क दिखाने के लिए जैन समुदाय और उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय लगातार इसकी मांग कर रहा था। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) के ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने बुधवार को इस फैसले पर मुहर लगाई। इसके लिए ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स में बदलाव किया जाएगा। 6 महीने के अंदर नोटिफिकेशन भी जारी होगा।
उल्लंघन पर कॉस्मेटिक एक्ट के तहत सजा और जुर्माना भी
- इसके लिए ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स में बदलाव किया जाएगा। छह माह के अंदर नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन होने पर कॉस्मेटिक एक्ट के तहत सजा और जुर्माना होगा। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया डॉक्टर एस ईश्वर रेड्डी ने बताया कि सीडीएससीओ को भी शिकायतें मिली थीं कि कॉस्मेटिक्स में जानवरों की चर्बी सहित कुछ दूसरे अंश मिले होते हैं।
असली-नकली दवा की पहचान होगी आसान, हर पैकेट पर यूनिक नंबर
- अब असली-नकली दवा की पहचान आसानी से हो सकेगी। सीडीएससीओ ने निर्णय लिया है कि दवा के हर पैकेट पर कंपनी का
मोबाइल नंबर होगा। हर पैकेट पर 14 अंकों का यूनिक नंबर होगा। दिए गए मोबाइल नंबर पर यूनिक नंबर एसएमएस करके दवा से जुड़ी पूरी जानकारी मिल जाएगी। पहले यह पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 300 महंगी और ज्यादा बिकने वाली दवाओं पर लागू होगा। नतीजों के आधार पर सभी दवाओं पर लागू होगा।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.