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माल्या ने कर्ज चुकाने के लिए हाईकोर्ट से मांगी संपत्तियां बेचने की इजाजत, कहा- अपना पक्ष रखने मोदी को लिखा था खत

कर्ज ना चुकाने के मामले में माल्या के खिलाफ 13 भारतीय बैंक ब्रिटिश अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

Danik Bhaskar | Jun 27, 2018, 12:02 PM IST
  • ईडी ने विजय माल्या को भगोड़ा अपराधी घोषित करने की मांग की है
  • माल्या मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को भी लंदन में चुनौती दे रहा है

नई दिल्ली/लंदन. नौ हजार करोड़ रुपए के लोन डिफॉल्ट मामले में विजय माल्या ने लंबे समय बाद चुप्पी तोड़ी। माल्या ने मंगलवार को कहा कि बैंकों का कर्ज चुकाने के लिए मैंने हर मुमकिन कोशिश की। अपना पक्ष रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अरुण जेटली, दोनों को खत लिखा, लेकिन दोनों की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। मुझे धोखाधड़ी का पोस्टर ब्वॉय बना दिया गया। उसने कहा कि 22 जून में मैंने और मेरी फर्म यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग्स लिमिटेड (यूएचबीएल) ने कर्नाटक हाईकोर्ट में आवेदन दिया है कि हमें अपनी संपत्तियां बेचने की इजाजत दी जाए, ताकि हम बैंकों कर्ज चुका सकें। इन संपत्तियों की कीमत करीब 13,900 करोड़ रुपए है।

विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने कहा कि अगर माल्या कर्ज चुकाना चाहता तो ऐसा करने के लिए उसके पास कई साल थे। माल्या फिलहाल लंदन में है और मुकदमों का सामना कर रहा है।

नेताओं और मीडिया ने मुझ पर इल्जाम लगाए: माल्या ने बयान जारी कर कहा कि उसने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को 15 अप्रैल 2016 को खत लिखे। उसने कहा, "मुझ पर मीडिया और नेताओं ने इस तरह इल्जाम लगाया, जैसे मैं नौ हजार करोड़ चुराकर भाग गया। ये रकम किंगफिशर एयरलाइंस को कर्ज दी गई थी। कर्ज देने वाले कुछ बैंकों ने भी मुझ पर विलफुल डिफॉल्टर जैसा तमगा लगा दिया। मैं जनता के गुस्से की ज्वलंत वजह बन गया।"

- ईडी ने इस मामले में विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसमें कहा गया था कि बैंकों के कंसोर्शियम की ओर से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने माल्या और अन्य के खिलाफ 2005-06 में लिया गया कर्ज नहीं चुकाने की शिकायत की थी। ईडी ने कहा कि कर्ज ना चुकाने की वजह से 6,027 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ। ईडी ने अदालत से माल्या की संपत्तियां जब्त करने की इजाजत मांगी है। विजय माल्या ने कहा- "कुछ लोग पूछ रहे हैं कि आपने बयान देने के लिए यह वक्त क्यों चुना। इसकी वजह है कि मैंने कर्नाटक हाईकोर्ट में आवेदन दाखिल कर कहा था कि मैं अपनी 13,900 करोड़ की संपत्ति बेचकर बैंकों का कर्ज चुकाने के लिए तैयार हूं।"

बैंकों के सामने दो सैटलमेंट प्रस्ताव रखे: माल्या ने कहा, "जब बैंक सुप्रीम कोर्ट में मामला ले गए, तब मैंने सैटलमेंट के लिए दो प्रस्ताव रखे। लेकिन, बैंकों ने दोनों प्रस्ताव खारिज कर दिए। मैंने निवेदन किया कि मेरा आचरण ये नहीं दिखाता कि मैं विलफुल डिफॉल्टर हूं। सीबीआई और ईडी ने सरकार और बैंकों के इशारे पर मेरे खिलाफ अपुष्ट और झूठे आरोप लगाए।"

राजनीतिक दखलंदाजी होगी, तो मैं कुछ नहीं कर सकता: माल्या ने कहा, "मेरी सारी कोशिशें या तो समझी नहीं गईं या फिर नजरंदाज कर दी गईं। मैं सरकार और उसकी क्रिमिनल एजेंसियों की लगातार खोज से थक गया हूं। मैंने अच्छी नीयत के साथ बैंकों के साथ सैटलमेंट करने की हर कोशिश की और करता रहूंगा। लेकिन, बाहर से राजनीति प्रेरित तत्व दखलंदाजी करते रहेंगे, तब मैं कुछ भी नहीं कर सकता।"

2016 में भारत से भागा था माल्या: 31 जनवरी 2014 तक किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का 6,963 करोड़ रुपए बकाया था। इस कर्ज पर ब्याज के बाद माल्या की कुल देनदारी 9000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है। माल्या मार्च 2016 में भारत से भाग गया था। तब उसने यह कहा था कि वह अपने बच्चों के पास जा रहा है। हालांकि, बाद में उसने भारत लौटने से इनकार कर दिया। भारत सरकार की ओर से जारी वारंट पर कार्रवाई करते हुए माल्या को पिछले साल 18 अप्रैल को लंदन में गिरफ्तार किया गया था। उसे तुरंत जमानत मिल गई थी।