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ग्राम स्वच्छता समिति को मिलते हैं 15 हजार, जनप्रतिनिधियों को जानकारी नहीं, मोहल्लों में जलजमाव व गंदगी का अंबार

Aurangabad News - स्वच्छता अभियान का ढोल भले ही गांव-गांव पीटा जा रहा है, लेकिन गांव की स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे...

Mar 27, 2020, 06:15 AM IST
Aurangabad(Bihar) News - village sanitation committee gets 15 thousand the public representatives do not know water logging and filth in the mohallas

स्वच्छता अभियान का ढोल भले ही गांव-गांव पीटा जा रहा है, लेकिन गांव की स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में गंदगी की वजह से गांवों में हाल के दिनों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। पंचायतों व संबंधित इलाकों की पीएचसी की अनदेखी की वजह से ग्रामीण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से स्थिति काफी भयावह हो गई है। पंचायतों में गठित ग्राम पंचायत समितियों मृतप्रायः हो गए हो रहे हैं, लेकिन इस अहम मसले पर कोई पक्ष गंभीर नहीं दिख रहा है। हालांकि ग्राम स्वच्छता समिति को प्रति गांव दस से पंद्रह हजार रुपये नियमानुसार स्वच्छता के लिए देने का प्रावधान है, लेकिन कई मुखियाओं को इस योजना के बारे जानकारी भी नहीं है। आज शहरों की तरह गांव की हालात भी ऐसे बने है की रात की कौन कहे, दिन में भी मच्छरों के प्रकोप से आतंकित है। मच्छरों की बढ़ी संख्या एवं उसके काटने से होने वाली विभिन्न बीमारियों को लेकर लोग संशकित है। वहीं कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण का डर भी अब लोगों में बना हुआ है। लॉक डाउन के कारण अब लोग घरों में दुबके पड़े हैं। वहीं घर के बाहर गंदगी व जल-जमाव ने और परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्र में मच्छरों से निपटने के लिए अभी तक कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह गंदे पानी का जलजमाव तथा कूड़े के अंबार एवं नालियों की सफाई नहीं होने की वजह से मच्छरों का प्रकोप दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। मच्छरों के काटने से कई लोग बीमार भी हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने कहा-गांव में भी डीडीटी का हो छिड़काव

ग्रामीणों का कहना है कि शहरों की तरह कोरोना वायरस से रोकथाम को लेकर गांव व पंचायत मुख्यालयों में भी डीडीटी व केमिकल का छिड़काव किया जाए। ताकि समय रहते ही इस वायरस को रोका जा सके। ग्राम स्वच्छता समिति से यदि राशि मिलती है तो इसका खर्च सफाई पर किया जाना चाहिए। इस विकट परिस्थिति में सरकार को इसपर ध्यान देने की जरूरत है। बताते चलें कि कई प्रखंड मुख्यालय के मुहल्लों में भी गंदगी व जल-जमाव की स्थिति बनी हुई है।

ओबरा में सड़क किनारे पसरा गंदगी व जल-जमाव का नजारा

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