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विनोद खन्ना एक्टर से इस आश्रम में करते थे माली का काम, वाइफ ने विदेश से की थी LLB

3 वर्ष पहले
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नई दिल्ली/ गुरदासपुर. 65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुक्रवार को घोषणा कर दी गई। 2017 के लिए घोषित पुरस्कार में बॉलीवुड की फिल्मों में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना को दादा साहब फाल्के सम्मान दिया गया है। वे हिंदी सिनेमा के सर्वाेच्च सम्मान दादा साहब फाल्के से नवाजे गए 49वें शख्स हैं। बता दें कि एक्टर बनने से पहले विनोद ओशो के आश्रम में माली का करते थे। वहीं उनकी वाइफ कविता ने विदेश से LLB करने के बाद हाइकोर्ट में प्रैक्टिस की थी। फिल्मों में वापसी के 10 साल बाद उन्होंने पॉलिटिक्स में एंट्री ली थी। बीजेपी के टिकट पर सांसद बनने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें मंत्री भी बनाया था। संन्यासी बनने का फैसला किया था...

 

-  पुणे के ओशो आश्रम में उन्हें 31 दिसंबर, 1975 को दीक्षा दिलाई गई। 
- 70 के दशक में खन्ना ओशो से इस कदर इंस्पायर हुए कि उनकी पर्सनल लाइफ ही बदल गई। विनोद हर वीकेंड पुणे में ओशो के आश्रम जाते थे। यहां तक कि उन्होंने अपने कई शूटिंग शेड्यूल भी पुणे में ही रखवाए। शूटिंग के लिए भी वे कुर्ता और माला पहनकर पहुंचने लगे थे। धीरे-धीरे वे प्रोड्यूसर्स को साइनिंग अमाउंट लौटाने लगे।
- ओशो से जुड़ने के बाद उन्होंने कई जोड़ी सूट, कपड़े, जूते और दूसरे लग्जरी सामान लोगों में बांट दिए थे। वे पहले गेरुआ, फिर आश्रम का मरून चोगा पहनने लगे। दिसंबर 1975 में विनोद ने फिल्मों से अचानक ब्रेक ले लिया और संन्यासी बनने का फैसला किया।
- ओशो यूएस के ओरेगन शिफ्ट हो गए थे। विनोद भी वहीं चले गए। 1982 के बाद ओशो के साथ उनके रजनीशपुरम आश्रम में खन्ना ने करीब 5 साल गुजारे। एक इंटरव्यू में खुद खन्ना ने यह बात मानी थी।

 

BJP नेशनल एग्जीक्यूटिव की मेंबर रही हैं कविता


- कविता पति विनोद खन्ना के सांसद रहते हुए 3 सालों तक बीजेपी नेशनल एग्जीक्यूटिव की मेंबर रही हैं।
- कविता के मुताबिक, वो 2000 में अटल बिहारी वाजपेयी के पीएम रहते देश में रोजगार बढ़ाने के प्रोजेक्ट पर भी काम कर चुकी हैं।

 

1997 में पॉलिटिक्स में एंट्री


- 1997 में बीजेपी का मेंबर बनने के बाद विनोद नेता भी बन गए। वे गुरदासपुर, पंजाब से बीजेपी सांसद रहे। जुलाई 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें संस्कृति और पर्यटन मंत्री बनाया।
- 2003 में वाजपेयी ने उन्हें विदेश राज्य मंत्री का अहम जिम्मा सौंपा। इस पद पर रहते हुए खन्ना ने फिल्म इंडस्ट्री के जरिए भारत-पाक के बीच दूरियां कम करने की कोशिश की।

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