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डाउनलोड करेंनेशनल डेस्क. कठुआ गैंगरेप। आठ साल की मासूम को किडनैप कर रेप किया गया फिर उसकी हत्या कर दी गई। चार्जशीट में लिखी गईं बातों से पता चला कि बच्ची के साथ कितनी बर्बरता की गई। जिसके बाद सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक लोग मासूम के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं। इस बीच पीड़िता के नाम से 55 सेकंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो के साथ लिखा गया है कि ये उस मासूम का आखिरी वीडियो है, जिसकी कठुआ में हत्या की गई। लेकिन वीडियो की हकीकत कुछ और ही है। लोग बिना सच जाने वीडियो को फॉरवर्ड करते जा रहे हैं।
जुलाई 2017 का है वीडियो
वीडियो को यू-ट्यूब, ट्विटर और फेसबुक पर कई अकाउंट से अपलोड किया जा रहा है। लेकिन वीडियो कठुआ गैंगरेप पीड़िता का नहीं है। इसे सबसे पहले जुलाई 2017 में इमरान प्रजापति नाम के शख्स ने अपलोड किया था। जो कि एक कवि हैं।
इमरान प्रजापति ने खुद बताया सच
कठुआ पीड़िता के नाम से वायरल हो रहे वीडियो को देखकर खुद इमरान प्रजापति ने फेसबुक पर लिया। उन्होंने बताया कि " 18 जुलाई 2017 को मैंने इस नन्हीं सी फैन का ये वीडियो पोस्ट किया था। इसे उस वक्त मेरे किसी चाहने वाले ने वॉट्सएप पर भेजा था। उस वक्त कई हजार लोगों ने मेरे पेज से इस नज़्म को शेयर किया था। आज सोशल मीडिया पर इस बच्ची को कठुआ पीड़िता बता कर वायरल किया जा रहा है जो गलत है। सोशल मीडिया पर कुछ भी शेयर करने से पहले तस्दीक जरूर कर लिया करिये।"
- प्रजापति आगे लिखते हैं कि उन्होंने ये कविता नजीब अहमद की याद में लिखा था। जो JNU स्टूडेंट हैं और साल 2016 से लापता हैं।
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