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वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट डील को सीसीआई ने दी मंजूरी, वॉलमार्ट 15 दिन में टैक्स विभाग को दे सकती है अर्जी

फ्लिपकार्ट के जो निवेशक वॉलमार्ट को शेयर बेचेंगे उन पर टैक्स देनदारी के आसार

Danik Bhaskar | Aug 09, 2018, 01:47 PM IST
वॉलमार्ट दुनिया की सबसे बड़ी र वॉलमार्ट दुनिया की सबसे बड़ी र

- वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट की 77% हिस्सेदारी खरीदने के लिए डील की थी

- सॉफ्टबैंक, नेस्पर्स, एक्ससेल पार्टनर, ईबे वॉलमार्ट को अपने शेयर बेचने पर सहमत

नई दिल्ली. फ्लिपकार्ट डील पूरी करने के लिए वॉलमार्ट जल्द टैक्स डिपार्टमेंट से संपर्क कर सकती है। कंपीटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) ने बुधवार को डील की मंजूरी दे दी। न्यूज एजेंसी के मुताबिक आयकर विभाग के एक अधिकारी ने कहा, उम्मीद है कि 15 दिन के अंदर वॉलमार्ट टैक्स सर्टिफिकेट के लिए विभाग में अर्जी दाखिल करेगी।
आईटी विभाग कर रहा है टैक्स का आकलन : आयकर अधिनियम की धारा 197 के मुताबिक अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) को किसी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर यह बताना पड़ता है कि उन्हें टैक्स से छूट क्यों दी जाए। पिछले महीने वॉलमार्ट ने आयकर विभाग को आश्वस्त किया था कि वह टैक्स देनदारियां पूरी करेगी। फ्लिपकार्ट ने मई में आयकर विभाग को शेयर खरीद एग्रीमेंट की जानकारी दी थी। इसके आधार पर विभाग यह आकलन कर रहा है कि फ्लिपकार्ट के जो निवेशक वॉलमार्ट को अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे उन्हें कितना टैक्स देना होगा।
16 अरब डॉलर की है डील : वॉलमार्ट ने मई में फ्लिपकार्ट की 77% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 16 अरब डॉलर (1.09 लाख करोड़ रुपए) में डील साइन की थी। फ्लिपकार्ट के मौजूदा शेयरधारकों में से सॉफ्टबैंक, नेस्पर्स, एक्ससेल पार्टनर और ईबे वॉलमार्ट को अपने शेयर बेचने पर सहमत हो गए। को-फाउंडर सचिन बंसल भी अपनी 5.55% हिस्सेदारी बेचेंगे।