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गुनहगार ने बचने के लिए बुनी थी एक कहानी, आरोपी विशाल का बड़ा झूठ पकड़ा गया

3 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. कठुआ में बच्ची से गैंगरेप और हत्या का आरोपी विशाल जंगोत्रा ने कानून से बचने की लाख कोशिश की। लेकिन अब उसके झूठ से पर्दा उठ चुका है। गैंगरेप के आठ आरोपियों में से एक विशाल बार-बार कहता रहा कि वारदात वाले दिन वो कठुआ में नहीं बल्कि यूपी के मेरठ में एग्जाम दे रहा था। उसने एग्जाम सेंटर में एक सिग्नेचर दिखाकर ये प्रूफ करने की कोशिश भी की। लेकिन जब सेंट्रल फॉरेंसिक साइंसेज लैबोरेट्री (CFSL) में विशाल के सिग्नेचर का मिलान कराया गया तो एग्जाम सेंटर पर किया सिग्नेचर फर्जी निकला। उसने किसी की मदद से एग्जाम सेंटर पर सिग्नेचर करवाया था। बता दें कि विशाल कठुआ कांड के मास्टरमाइंड माने जा रहे सांझी राम का बेटा है। 

 

विशाल ने क्या कहा था?
गैंगरेप का आरोपी विशाल लगातार अपने बचाव में दलील दे रहा था कि वारदात वाले दिन वो यूपी के मेरठ में एग्जाम दे रहा था। उसने दिखाया कि 15 तारीख को परीक्षा की अटेंडेंस शीट पर उसके सिग्नेचर थे। उसके नाम की आंसर शीट भी मिली थी। लेकिन क्राइम ब्रांच को शक था कि ये सब फर्जी है। इसीलिए विशाल के सिग्नेचर का मिलान करवाया गया। 

 

दोस्तों से हो रही पूछताछ
पुलिस के मुताबिक विशाल के किसी दोस्त ने उसके बदले अटेंडेंस शीट पर सिग्नेचर किया। इसके बाद यूनिवर्सिटी के किसी अधिकारी की मदद से विशाल ने बाद में परीक्षा भी दी। बाद में विशाल की आंसर शीट बाकी कॉपियों के साथ रख दी गई। क्राइम ब्रांच ने विशाल के तीन दोस्तों को पूछताछ के लिए जम्मू बुलाया है।  

 

क्या है मामला?
10 जनवरी को कठुआ में बकरवाल समुदाय की आठ साल की बच्ची का किडनैप हुआ। 17 जनवरी को जंगल में बच्ची की लाश मिली। जांच में पता चला कि उसके साथ गैंगरेप किया गया है। इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को अरेस्ट किया, जिसमें विशाल भी शामिल है। फिलहाल पठानकोट कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है।