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अधिक मास : स्त्री हो या पुरुष, 13 जून तक न करें 9 काम

Dainik Bhaskar

May 19, 2018, 04:34 PM IST

अधिक मास में पूजा-पाठ करने से अक्षय पुण्य मिलता है और परेशानियां दूर होती हैं।

we should not do these works in adhik mas, worship tips in hindi
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रिलिजन डेस्क. हिन्दी पंचांग के अनुसार अभी अधिक मास चल रहा है। ये महीना 3 साल में एक बार आता है, इस कारण ये दुर्लभ है। उज्जैन के भागवत कथाकार पं. मनीष शर्मा के अनुसार अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। इस माह के स्वामी भगवान विष्णु हैं। अधिक मास में श्रीहरि और उनके अवतारों की पूजा करने की परंपरा है और माह में तीर्थ यात्रा करना, पौधे लगाना, दान देना, सार्वजनिक हित के काम करना चाहिए। इन दिनों के लेकर शास्त्रों में कई नियम बताए गए हैं। इस पवित्र माह के लिए कुछ काम वर्जित हैं, जिन्हें करने से बचना चाहिए। अगर ये काम किए जाते हैं तो जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं।

जानिए अधिक मास में स्त्री हो या पुरुष सभी को कौन-कौन से काम नहीं करना चाहिए...

पुरुषोत्तम मास में विवाह करना, मुंडन संस्कार, नए घर के निर्माण कार्य का शुरुआत, नए घर में प्रवेश, यज्ञोपवीत संस्कार, निजी उपयोग के लिए भूमि खरीदना, वाहन खरीदना, नववधू का ग्रह प्रवेश, नए कुआं या बोरिंग का काम करवाना आदि काम वर्जित किए गए हैं। पं. शर्मा के अनुसार मान्यता है कि अधिक मास में ये काम करने से शुभ फल नहीं मिल पाते हैं।

दैनिक जीवन में ध्यान रखें ये बातें भी

> अधिक मास में सुबह देर तक सोने से बचें। सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाएं। दोपहर में और शाम को भी न सोएं।

> घर में क्लेश न करें। पति-पत्नी प्रेम से रहें। घर में अशांति होगी तो भगवान की कृपा नहीं मिल पाएगी।

> घर में गंदगी न रखें। जिस घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है, वहां सभी देवी-देवता निवास करते हैं। खुद भी साफ रहें और घर को भी साफ रखें।

> मांसाहार और नशे से बचें। ये पवित्र महीना पूजा-पाठ के लिए श्रेष्ठ माना गया है। इस दौरान अपवित्र चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए।

> किसी वृद्ध और माता-पिता का अपमान न करें।

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