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आपके घर के मंदिर में अशुभ धातु के बर्तन तो नहीं हैं, अगर हैं तो हटा दें

Dainik Bhaskar

May 27, 2018, 05:04 PM IST

पूजा में अशुभ बर्तन रखने से नहीं मिलती भगवान की कृपा

we should not keep these utensils in home, temple in home
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रिलिजन डेस्क। नियमित रूप से भगवान की पूजा करने से बड़ी-बड़ी समस्याएं भी हल हो सकती हैं। पूजा-पाठ में कई प्रकार के बर्तनों का भी उपयोग किया जाता है। खासतौर पर लोटा, पूजा की थाली, कटोरी, दीपक आदि। ये बर्तन किस धातु के होने चाहिए, इस संबंध में शास्त्रों में कुछ नियम बताए गए हैं। कुछ धातुएं ऐसी हैं जो पूजा में वर्जित की गई हैं। अगर वर्जित किए गए बर्तन पूजा में रखे जाते हैं तो धर्म-कर्म का पूरा पुण्य फल प्राप्त नहीं हो पाता है। यहां जानिए उज्जैन के इंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी और ज्योतिर्विद पं. सुनील नागर के अनुसार पूजा के लिए कौन-कौन सी धातुएं शुभ हैं और कौन सी अशुभ हैं...

# शुभ धातुएं

> शास्त्रों के अनुसार अलग-अलग धातु अलग-अलग फल देती है। सोना, चांदी, पीतल, तांबे की बर्तनों का उपयोग पूजा के लिए शुभ माना गया है। मान्यता है कि इन धातुओं से पूजा करने पर देवी-देवता जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं।

> पूजा में सोने, चांदी, पीतल, तांबे के बर्तनों का उपयोग करना चाहिए। इन धातुओं को रगड़ना हमारी त्वचा के लिए लाभदायक रहता है। आयुर्वेद के अनुसार इन धातुओं के लगातार संपर्क में रहने से कई बीमारियों में राहत मिल सकती है।

# अशुभ धातुएं

> पूजा में लोहा, स्टील और एल्युमिनियम धातु से बने बर्तन वर्जित किए गए हैं। धार्मिक क्रियाओं में लोहा, स्टील और एल्युमिनियम को अपवित्र धातु माना गया है। इसीलिए इन धातुओं की मूर्तियां भी नहीं बनाई जाती।

> लोहे में हवा, पानी से जंग लग जाता है। एल्युमिनियम से भी कालिख निकलती है। पूजा में कई बार मूर्तियों को हाथों से स्नान कराया जाता है, उस समय इन मूर्तियों रगड़ा भी जाता है। ऐसे में लोहे और एल्युमिनियम से निकलने वाली जंग और कालिख का हमारी त्वचा पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए लोहा, एल्युमीनियम को पूजा में वर्जित किया गया है।

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