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मेष से मीन तक, दाती महाराज के बताए उपाय कर लेंगे तो बुरी किस्मत छोड़ सकती है पीछा

15 मई को शनि जंयती, 12 राशियों के लिए दुर्भाग्य दूर करने वाले शनि मंत्र

Danik Bhaskar | May 14, 2018, 06:45 PM IST

रिलिजन डेस्क। मंगलवार, 15 मई शनि जयंती है और इस दिन शनि के उपाय करने से दुर्भाग्य दूर हो सकता है। शनिदेव न्यायाधीश हैं और हमारे अच्छे-बुरे कर्मों का फल प्रदान करते हैं। कुंडली में शनि की अशुभ स्थिति के कारण हमें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां जानिए श्री शनिधाम पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर परमहंस दातीजी महाराज के अनुसार सभी 12 राशियों के लिए शनि जयंती के उपाय, जिनसे शनिदेव की कृपा मिल सकती है और बुरा समय दूर हो सकता है...

मेष राशि

शनि जयंती पर भगवान शनिदेव के दर्शन करें। मंदिर में शनि की पूजा करें। पूजा में हार सिंगार के 108 फूल भगवान को चढ़ाएं। मंत्र ऊँ शं धरणीधाराय नम: का जाप 108 बार करें। अपने घर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर इसी मंत्र की 11 माला जाप करें।

वृषभ राशि

भगवान शनिदेव के दर्शन करें। किसी मंदिर में शनिदेव का पूजन करें। मखाने की खीर में, 7 चुटकी काले तिल, 7 लौंग, 7 इलायची, 7 काली मिर्च के दानें डालें। इसके बाद साफ बर्तन में खीर भरें। मिठाइयां और मोगरे के 108 फूल भगवान को चढ़ाएं। मंत्र ऊँ शं श्रेष्ठाय नम: का जाप 108 बार करें। अपने घर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर इस मंत्र की 7 माला जाप करें।

मिथुन राशि

सुबह किसी मंदिर में शनिदेव के दर्शन के बाद आंकड़े के 108 नीले फूल शनिदेव को चढ़ाएं। मंत्र ऊँ शं सर्वानिष्ट विनाशने नम: का जाप 108 बार करें। शनि मूर्ति को स्पर्श करें। सरसों के तेल से अभिषेक करें। अपने घर आकर मंदिर में सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं और इसी मंत्र की 8 माला जाप करें।

कर्क राशि

शनि जयंती पर 108 गुलाब और लड्डू शनि मंदिर में चढ़ाएं। इसके बाद ऊँ शं संकटनाशनये नम: मंत्र का जाप 108 बार करें। सरसों के तेल से अभिषेक करें। अपने घर में सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं और इसी मंत्र की 8 माला जाप करें।

सिंह राशि

शनि जयंती पर शनि मंदिर जाएं। पूजा करें और पूजा में 108 श्वेतार्क के फूल, मोतीचूर के लड्डू शनि को चढ़ाएं। मंत्र ऊँ शं अघोक्षाय नम: का जाप 108 बार करें। शनिदेव को तेल चढ़ाएं। इसके बाद घर के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं और इसी मंत्र की 5 माला जाप करें।

कन्या राशि

शनि जयंती पर मंदिर में शनिदेव का पूजन करें। पूजा में 1 नारियल, 108 आंकड़े के पत्ते ऊँ शं सूर्य पुत्राय नम: मंत्र का जाप 108 बार करें। मूर्ति का स्पर्श करें। सरसों के तेल से अभिषेक करें। अपने घर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर इसी मंत्र की 3 माला जाप करें।

तुला राशि

शनि जयंती किसी मंदिर में शनिदेव की पूजा करें। पूजा में 11 नीले कमल भगवान को चढ़ाएं। मंत्र ऊँ शं आपदुद्धत्ते  नम: का जाप 108 बार करें। इसके बाद अपने घर के मंदिर में गाय के घी का दीपक जलाकर इसी मंत्र की 5 माला जाप करें।

 

 

वृश्चिक राशि

शनि जयंती पर शनि मंदिर जाएं। शनिदेव का पूजन करें। पूजा में 7 मुट्ठी काले तिल, 1 श्रीफल नारियल, 1 गांठ हल्दी, 1 कमलगट्टे का बीज और 1 गुलाब के फूल विशेष रूप से भगवान शनिदेव का ध्यान करते हुए ऊँ शं दीनार्तिहरणाय नम: मंत्र का जाप 108 बार करें। घर के मंदिर में शुद्ध आसन पर बैठकर चौमुखा सरसों के तेल हा दीपक जलाएं। शनि मंत्र की 7 माला जाप करें।

 

 

धनु राशि

शनि जयंती पर किसी मंदिर में शनिदेव के दर्शन करें। पूजन करें। पूजन में केसर का प्रयोग विशेष रूप से करना चाहिए। केसर युक्त पकवान, मिठाई आदि का भोग भगवान को लगाएं। मंत्र ऊँ शं विरुपाक्षाय नम: का जाप 108 बार करें। अपने घर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस मंत्र की 7 माला जाप करें।

 

 

मकर राशि

शनि जयंती पर मंदिर में शनिदेव के दर्शन करें, पूजा करें। पूजा में दूध से बनी मिठाई और श्वेतार्क के 108 पत्ते शनि को चढ़ाएं। मंत्र ऊँ शं वज्रदेहाय नम: का जाप 108 बार करें। इसके बाद अपने घर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर इस मंत्र की 5 माला जाप करें।

 

 

कुंभ राशि

शनि जयंती पर किसी शनि मंदिर जाएं। दर्शन और पूजन करें। पूजन में श्रद्धानुसार गुलाब जामुन और 108 बिल्व पत्र चढ़ाएं। मंत्र ऊँ शं छाया पुत्राय नम: का जाप 108 बार करें। अपने घर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर इस मंत्र की 7 माला जाप करें।

 

 

मीन राशि

शनि जयंती पर शनि मंदिर जाएं और पूजा करें। पूजन में श्रद्धानुसार बेसन के लड्डू और 108 धतूरे के फूल भगवान को चढ़ाएं। मंत्र ऊँ शं भानुपुत्राय नम: का जाप 108 बार करें। अपने घर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर इस मंत्र की 3 माला जाप करें।

 

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