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मौसम का यू टर्नः प्रदेश भर में आंधी के बाद हुई हल्की बूंदाबांदी, रोहतक में जगह-जगह गिरे पेड़ और बिजली के खंबे

3 वर्ष पहले
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पानीपत/रोहतक। मौसम ने एक बार फिर से यू टर्न लिया है। मंगलवार रात और बुधवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में आंधी और हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे दिन का पारा चार से पांच डिग्री तक कम हो गया। पहाड़ों में मौसम परिवर्तन व हरियाणा के कई जिलों में हलकी बरसात के बाद दिन का पारा घटा, इससे शाम को लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। 

 

 

- आईएमडी के अनुसार 17 मई को राजस्थान में फिर से लू दस्तक दे सकती है। राजस्थान की गर्म हवाओं का असर हरियाणा में भी दिख सकता है।
- मौसम विभाग के अनुसार 16 मई को दिनभर हल्के बादल छाए रहने की आशंका है। वहीं कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। 

 

 

रोहतक में आंधी से जगह-जगह टूटे पेड़
- मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात के 2 बजे रोहतक जिले में तेज आंधी के बाद बरसात शुरू हुई। कुछ देर तक ओलावृष्टि भी हुई। 
- अंधड़ के साथ ही पूरे शहर में ब्लैकआउट हो गया। करीब सभी इलाकों की बत्ती एक साथ गुल हुई। अंधड़ के कारण कई जगह बिजली के पोल भी गिरे हैं। वहीं देहात में ओलवृष्टि से सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचा है। 
 

 

118 साल में 2018 5वां सबसे गर्म साल होगा
​- देश का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। यह बात 1901 से अब तक 118 साल के तापमान के अध्ययन में सामने आई है। इसमें भारत के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- साथ ही 15 साल में गर्मी के 9 सीजन में औसत तापमान 31 डिग्री से ज्यादा रहा। जानकारों ने बताया कि 2014, 15 और 16 के बाद 2017 चौथा सबसे गर्म सीजन रहा है। 2018 भी लगातार 5वां सबसे गर्म सीजन रहेगा, ऐसा 117 साल में पहली बार होगा।
 

 

गर्म सीजन में गर्मी और ठंड में सर्दी बढ़ रही है
- 20वीं सदी से तापमान बढ़ रहा है। 2001 से 2016 के बीच न्यूनतम और उच्चतम तापमान में लगातार तेजी देखी गई है। 1901 से न्यूनतम और उच्चतम तापमान क्रमश: 1.07 और 1.18 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है।
- 2001-17 के बीच सर्दी के सीजन में औसत तापमान 15 डिग्री रहा। 2009 में सर्दी का सीजन सबसे गर्म रहा। इस सीजन में तापमान 16.25 डिग्री सेल्सियस रहा। यानी गर्मी में गर्मी और ठंड में सर्दी बढ़ रही है।
 

 

17 राज्यों में पारा सामान्य से 1.6 से 5.1 डिग्री तक ज्यादा
- जम्मू कश्मीर, हिमाचल में पारा सामान्य से 3 से 5.1 डिग्री तक रिकॉर्ड किया गया। विदर्भ, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान में पारा सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री ज्यादा रहा।
- राजस्थान, एमपी, विदर्भ, छत्तीसगढ़, दिल्ली और गुजरात के ज्यादातर हिस्सों में पारा 40 डिग्री से ज्यादा रहा।
 

 

चेतावनी- राजस्थान में कुछ दिनों में पारा 47 से 50 डिग्री जा सकता है
- मौसम विभाग के वैज्ञानिक चेतन शर्मा ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि राजस्थान में पारा 47-50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मई और जून में राजधानी जयपुर में पारा 45 डिग्री के आसपास रहने की आशंका है। बीकानेर, चुरू सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे।
 

 

भारत में इतनी गर्मी क्यों?
- दुनिया के अन्य महासागरों के मुकाबले प्रशांत महासागर का तापमान बढ़ने के कारण भारत के तटीय क्षेत्रों के वातावरण में नमी लगातार घट रही है। नमी घटने के कारण सूखी हवाएं चल रही हैं, जो तापमान बढ़ने के बाद लू में बदल रही हैं।

 

 

2050 तक भारत जैसे गर्म देशों में गेहूं उत्पादन 25% तक घट सकता है
- ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल वॉर्मिंग से देश में गेहूं उत्पादन 2050 तक 25% घट सकता है। जबकि अमेरिका, यूरोप जैसे ठंडे इलाकों में 25% बढ़ने का अनुमान है।
- देश में 1970 से 2010 के बीच खरीफ सीजन में पारा 0.45 डिग्री और रबी सीजन में 0.63 डिग्री बढ़ा है। इस दौरान औसत सालाना बारिश 86 मिमी. कम हुई है।

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