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एक्रो योग : रोजाना 45 मिनट का सेशन बढ़ाएगा स्टेमिना और स्ट्रेंथ, कम होगी पेट की चर्बी

यह एक ऐसी फॉर्म है, जिसे दो या दो से अधिक लोग मिलकर करते हैं। इसे पार्टनर योग भी कहते हैं।

Dainik Bhaskar

Jul 07, 2018, 05:53 PM IST
what is acro yoga how to do it and benefits of acro yoga

हेल्थ डेस्क. एक्रो योग एक तरह का पार्टनर योग है। इसमें पार्टनर के साथ योग करके बॉन्डिंग, कोऑर्डिनेशन और कॉन्फिडेंस लेवल डेवलप करते हैं। यह एक ऐसी फॉर्म है, जिसे दो या दो से अधिक लोग मिलकर करते हैं। इसे पार्टनर योग भी कहते हैं। ये पॉश्चर पर आधारित योग है। रोजाना 45 मिनट का सेशन स्टेमिना और स्ट्रेंथ बढ़ाने के साथ पेट की चर्बी भी कम करता है। यह एब्डोमेन, थाइज और आर्म को शेप में लाता है। ध्यान रखने वाली है कि इसे एक्सपर्ट की देखरेख में ही करें। फिटनेस एक्सपर्ट श्याम सिंह बता रहे हैं इसके आसनों के बारे में...

4 आसन जो शरीर को बनाएंगे मजबूत और लचीला

1. बर्ड फ्लाई पॉश्चर
इस प्रकार के एक्रो योग में एक पार्टनर उत्तानपादासन अवस्था में आए और फिर दूसरा पार्टनर पहले के सपोर्ट लेते हुए आएगा। इस आसन को 30 सेकंड तक होल्ड करें। दो से तीन रिपिटेशन करें। ये एब्डोमन एरिया पर असर डालता है।
फायदा : इससे पेट की चर्बी बर्न होने के साथ एब्डोमन की टोनिंग होगी। जिन्हें हर्निया की प्राब्लम है वे इसका अभ्यास न करें।

2.चतुरांगासन
इस प्रकार के एक्रो योग को दो या दो से अधिक पार्टनर कर सकते हैं। एक पार्टनर पुशअप के पॉश्चर में आएगा और दूसरा पार्टनर ऊपर की तरफ से आते हुए अपने टो को दूसरे पार्टनर के कंधे पर पर होल्ड करेगा। फिर तीसरा पार्टनर रिवर्स पोज में इसी तरह से दूसरे पार्टनर के शोल्डर को होल्ड करेगा। 30 सेकंड तक होल्ड करें, फिर पार्टनर अपनी पोजिशन चेंज कर इसे दोहराएं।
फायदा : इससे लेग्स, आर्म्स की स्ट्रेंथ बढेगी और कोर एरिया पर असर पड़ेगा। जिन्हें फ्रोजन शोल्डर या बैक पेन की प्रॉब्लम हो, वो इसे न करें।

3. अधोमुख स्वानासन और धनुरासन
पहला पार्टनर माउंटेन पोज में आए इसके लिए अपनी दोनों हथेलियों को जमीन से लगाएं और दोनों पैरों के बीच एक निश्चित दूरी बना कर रखें। दूसरा पार्टनर पहले पार्टनर के ऊपर से धनुरासन का पोज बनाए। करीब 20 से 30 सेकंड होल्ड रखते हुए इसके दो-दो सेट में 2 बार दोहराएं। दोनों पार्टनर पोज बदल के इसे दोहराएं।
फायदा : बॉडी की स्ट्रेंथ बढ़ेगी, जिन्हें बैकपेन हो या फ्रोजन शोल्डर की शिकायत है, वे लोग इस आसन का अभ्यास न करें।
4. चतुरंगासन के साथ क्रंचेज
इस प्रकार के एक्रो योग में एक पार्टनर पैरों को फोल्ड करके फ्लोर पर लेट जाएगा। फिर दूसरा पार्टनर पहले पार्टनर के टो पर अपने हाथों को रखते हुए खुद को पुशअप अवस्था में लाएगा और कुछ देर होल्ड करेगा। फ्लोर पर लेटा हुआ पार्टनर सांस छोड़ते हुए उठते हुए पार्टनर के शोल्डर को टच करेगा और फिर वापस फ्लोर की तरफ लौटेगा। इस आसन को भी दो से तीन बार पोजिशन चेंज करते हुए दोहराएं।
फायदा : ये कोर एक्सरसाइज है। इससे पुशअप करने वाले पार्टनर के चेस्ट और शोल्डर मजबूत होंगे। क्रंचेज करेंगे तो फैट बर्न होगा।

अधोमुख स्वानासन: बॉडी की स्ट्रेंथ बढ़ेगी, जिन्हें बैकपेन हो या फ्रोजन शोल्डर की शिकायत है, वे लोग इस आसन का अभ्यास न करें। अधोमुख स्वानासन: बॉडी की स्ट्रेंथ बढ़ेगी, जिन्हें बैकपेन हो या फ्रोजन शोल्डर की शिकायत है, वे लोग इस आसन का अभ्यास न करें।
चतुरांगासन: लेग्स, आर्म्स की स्ट्रेंथ बढेगी और कोर एरिया पर असर पड़ेगा। जिन्हें फ्रोजन शोल्डर या बैक पेन की प्रॉब्लम हो, वो इसे न करें। चतुरांगासन: लेग्स, आर्म्स की स्ट्रेंथ बढेगी और कोर एरिया पर असर पड़ेगा। जिन्हें फ्रोजन शोल्डर या बैक पेन की प्रॉब्लम हो, वो इसे न करें।
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what is acro yoga how to do it and benefits of acro yoga
अधोमुख स्वानासन: बॉडी की स्ट्रेंथ बढ़ेगी, जिन्हें बैकपेन हो या फ्रोजन शोल्डर की शिकायत है, वे लोग इस आसन का अभ्यास न करें।अधोमुख स्वानासन: बॉडी की स्ट्रेंथ बढ़ेगी, जिन्हें बैकपेन हो या फ्रोजन शोल्डर की शिकायत है, वे लोग इस आसन का अभ्यास न करें।
चतुरांगासन: लेग्स, आर्म्स की स्ट्रेंथ बढेगी और कोर एरिया पर असर पड़ेगा। जिन्हें फ्रोजन शोल्डर या बैक पेन की प्रॉब्लम हो, वो इसे न करें।चतुरांगासन: लेग्स, आर्म्स की स्ट्रेंथ बढेगी और कोर एरिया पर असर पड़ेगा। जिन्हें फ्रोजन शोल्डर या बैक पेन की प्रॉब्लम हो, वो इसे न करें।
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