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आदत न बने मर्ज़‌ : बार-बार शक्कर, चॉकलेट या जंक फूड खाने की चाहत को डिजीज में तब्दील होने से रोकें, पढें 6 प्वाइंट्स

किसी भी चीज को जरूरत से ज्यादा खाने से सेहत का गणित बिगड़ सकता है।

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2018, 01:55 PM IST
शक्कर से बने पदार्थ जैसे सोडा, केक आदि चीज़ों के बार-बार खाने की इच्छा होना, शरीर में पानी की कमी का सूचक हो सकता है। शक्कर से बने पदार्थ जैसे सोडा, केक आदि चीज़ों के बार-बार खाने की इच्छा होना, शरीर में पानी की कमी का सूचक हो सकता है।

हेल्थ डेस्क. अक्सर लोगों को कुछ खास फूड खाने की आदत होती है जैसे मीठ, नमकीन या जंक फूड। वे चाहकर भी इसे नहीं छोड़ पाते हैं। इसे क्रेविंग कहते हैं- यानी किसी चीज़ को खाने की तीव्र इच्छा। कुछ लोगों में यह क्रेविंग इस क़दर हावी हो जाती है कि वे खाने की कुछ भी कर जाते हैं। हालांकि कई मामलों यह शरीर में किसी चीज़ की कमी का संकेत हो सकता है। कुछ लोग कैल्शियम की कमी के चलते चॉक या स्लेट पेंसिल खाते हैं। लेकिन लंबे समय के लिए यह लत सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकती है। डाइटीशियन सौम्या सताक्षी से जानते हैं कौन सी आदतें सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं इसे कैसे कंट्रोल करें...

1. चॉकलेट क्रेविंग
चॉकलेट खाने की इच्छा होना बेहद सामान्य है। कई बार अधिक थक जाने पर या बुरा महसूस होने पर, ख़ासतौर पर महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तन होने पर उन्हें चॉकलेट की ज़रूरत महसूस होती है। ऐसे में डार्क चॉकलेट का सेवन किया जा सकता है। कभी-कभी डार्क चॉकलेट का सेवन स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। निम्न रक्तचाप के मरीज़ों को डार्क चॉकलेट खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन इसे दिन में कई बार खाना सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

2. बार-बार शक्कर खाना
शक्कर से बने पदार्थ जैसे सोडा, केक आदि चीज़ों के बार-बार खाने की इच्छा होना, शरीर में पानी की कमी का सूचक हो सकता है। अधिक मीठा खाने की लत कई घातक बीमारियों का कारण बनती है। इससे बचने के लिए जब भी शक्कर युक्त कोई भी पदार्थ खाने की इच्छा हो तो उससे पहले एक गिलास पानी पिएं। इस आसान से उपाय से शक्कर की लत को काफ़ी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अगर फिर भी खाने की इच्छा हो रही हो तो मीठे के स्थान पर सेब, बैरी या संतरे का सेवन करें।

3. नमक की अधिकता
अमूूमन तनाव की स्थिति में नमकीन खाने की इच्छा ज़्यादा होती है। वहीं महिलाओं में माहवारी आने के पहले नमक खाने की इच्छा ज़्यादा होती है। शरीर में पानी की कमी होने या इलेक्ट्रोलाइट का स्तर असंतुलित रहने या गर्भावस्था में भी नमक की क्रेविंग हो सकती है। इस तरह की क्रेविंग से जुड़े लोग चिप्स या अचार खाने लगते हैं। अधिक नमक खाने से बचने के लिए सब्ज़ी में लहसुन ज़्यादा मात्रा में डालें। सलाद में नमक के स्थान पर सिरके का उपयोग करें। खट्‌टे फल भी मददगार साबित हो सकते हैं।

4. जंक फूड की इच्छा
अधिक तनावग्रस्त लोग जंक फूड का ज़्यादा सेवन करते हैं। कई बार इसके पीछे किसी बीमारी का कारण भी हो सकता है, मसलन बिंज ईटिंग। इसमें व्यक्ति का पेट तो भर जाता है लेकिन उन्हें पता नहीं चलता और अधिक खाने की इच्छा में वे कुछ भी खा लेते है। बच्चों में डिप्रेशन या एडीएचडी सिंड्रोम केे कारण भी जंक फूड क्रेविंग हो सकती है। जंक फूड के अधिक सेवन से बच्चे कम उम्र में ही मोटापे का शिकार होने लगते हैं।

5. ब्रेड या पास्ता की दीवानगी
कभी-कभी खाना हो तो गेहूं से बने पास्ता को तरज़ीह दें। सॉस में रेड सॉस का उपयोग करें जिसे आप घर पर भी बना सकते हैं। प्याज़, टमाटर आदि चीज़ें डालकर बनाया गया पास्ता बेहतर है। वहीं कोई भी ब्रेड हफ़्ते में एक-दो बार से ज़्यादा नहीं खाना चाहिए। खाना हो तो मल्टीग्रेन या ब्राउन ब्रेड खाएं। ज़्यादा ब्रेड खाने से पेट फूलना, वज़न बढ़ना जैसी समस्याएं सिर उठा सकती हैं।

6. लत का करें यूं सामना...
आदत छोड़ने के लिए सबसे ज़रूरी है दृढ़ निश्चय। जैसे धीरे-धीरे आदत बढ़ी थी वैसे ही धीरे-धीरे कम करें। पानी की मात्रा बढ़ाएं। मीठा खाने की इच्छा हो रही हो तो गुड़ का सेवन कर सकते हैं। घर में बनने वाले तिल और गुड़ के लड्‌डू अच्छा विकल्प हो सकते हैं। मधुमेह के रोगियों को अगर शुगर क्रेविंग होती हो तो स्टीविया पौधे की पत्तियों का उपयोग किया जा सकता है। पत्तियां बाज़ार में आसानी से उपलब्ध हैं और स्वाद में काफ़ी मीठी होती है। इसका सिरप बनाकर हलवे या दूसरे खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

कई बार अधिक थक जाने पर या बुरा महसूस होने पर, ख़ासतौर पर महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तन होने पर उन्हें चॉकलेट की ज़रूरत महसूस होती है। कई बार अधिक थक जाने पर या बुरा महसूस होने पर, ख़ासतौर पर महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तन होने पर उन्हें चॉकलेट की ज़रूरत महसूस होती है।
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शक्कर से बने पदार्थ जैसे सोडा, केक आदि चीज़ों के बार-बार खाने की इच्छा होना, शरीर में पानी की कमी का सूचक हो सकता है।शक्कर से बने पदार्थ जैसे सोडा, केक आदि चीज़ों के बार-बार खाने की इच्छा होना, शरीर में पानी की कमी का सूचक हो सकता है।
कई बार अधिक थक जाने पर या बुरा महसूस होने पर, ख़ासतौर पर महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तन होने पर उन्हें चॉकलेट की ज़रूरत महसूस होती है।कई बार अधिक थक जाने पर या बुरा महसूस होने पर, ख़ासतौर पर महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तन होने पर उन्हें चॉकलेट की ज़रूरत महसूस होती है।
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