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वॉट्सऐप के जरिए कैसे फैलती है अफवाह? ये पता लगाने पर कंपनी देगी 34 लाख रुपए का इनाम

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वॉट्सऐप के फर्जी अफवाहों की वजह से पिछले एक साल में 29 लोगों की हत्या की जा चुकी है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jul 09, 2018, 12:15 PM IST

वॉट्सऐप के जरिए कैसे फैलती है अफवाह? ये पता लगाने पर कंपनी देगी 34 लाख रुपए का इनाम

गैजेट डेस्क. वॉट्सऐप के जरिए फैलने वाली अफवाहों और फर्जी खबरों को रोकने के लिए कंपनी ने बड़ा ऐलान किया है। कंपनी का कहना है कि वॉट्सऐप पर फैलने वाली इस तरह की खबरों की रिसर्च करके भेजने वालों को 34 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। इसके लिए कोई भी आवेदन कर सकता है।

दरअसल, फर्जी खबरें और अफवाहों की वजह से देश में मॉब लिंचिंग के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिसके बाद सरकार की तरफ से वॉट्सऐप को चेतावनी भी दी गई है कि इस तरह की खबरों को फैलने से जल्द से जल्द रोका जाए। सरकार की तरफ से मिली चेतावनी के बाद से ही वॉट्सऐप फर्जी खबरों और अफवाहों को लेकर गंभीर है। पिछले दिनों भी कंपनी ने एक बयान जारी कर अफवाहें रोकने के लिए सिविल सोसायटी, सरकार और टेक्नोलॉजी कंपनियों से मदद मांगी थी।

हम यूजर्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं: वॉट्सऐप
- वॉट्सऐप के प्रवक्ता ने बताया कि वे हर वॉट्सऐप यूजर की सुरक्षा के प्रति गंभीर हैं। इसके लिए वो लोगों को जोड़कर ऐसी खबरों पर लगाम कसना चाहते हैं।
- हम नए प्रोजेक्ट के जरिए भारत के बड़े शैक्षिक जानकारों को साथ जोड़कर यह पता लगाना चाहते हैं कि आखिर कैसे गलत जानकारी को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए फैलाया जाता है।
- इस रिसर्च की मदद से हम यूजर्स को फेक न्यूज पहचानने और गलत जानकारी को शेयर करने से रोक सकते हैं।

12 अगस्त तक होंगे आवेदन, 14 सितंबर तक मिलेगी जानकारी
- कंपनी ने बताया कि उनके साथ जुड़कर काम करने के लिए 12 अगस्त तक आवेदन किया जा सकता है। जिसके बाद सिलेक्शन की जानकारी 14 सितंबर तक लोगों को ईमेल पर दी जाएगी। सिलेक्टेड लोगों के लिए कंपनी दो वर्कशॉप भी करेगी।
- कंपनी ने कहा कि भारत, ब्राजील, इंडोनेशिया, मैक्सिको और इसी तरह उन देशों में किए गए शोध को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां वॉट्सऐप का ज्यादा यूज होता है।
- ऐसे लोग जिन्होंने PhD की है उनके आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, लेकिन जिनके पास PhD की डिग्री नहीं है उनके आवेदनों की समीक्षा भी की जाएगी।

अफवाह के लिए वॉट्सऐप ही क्यों है पहली पसंद?
- मॉब लिंचिंग के ज्यादातर मामलों में अफवाहें वॉट्सऐप के जरिए ही फैलाई गई हैं। सोशल मीडिया एक्सपर्ट के मुताबिक, ऐसा इसलिए क्योंकि वॉट्सऐप में बाकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के मुकाबले ज्यादा प्राइवेसी होती है। इसके साथ ही इसमें दो फायदे भी होते हैं। पहला ये कि जब किसी पहचान वाले मैसेज आता है, तो ज्यादातर लोग उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं और उसे फॉरवर्ड कर लेते हैं। और दूसरा ये कि इससे अनजान लोगों को नहीं पता चलता कि इस अफवाह की शुरुआत किसने की?
- जानकारों के मुताबिक, वॉट्सऐप को इसलिए भी पसंद किया जाता है, क्योंकि इसके जरिए किसी भी मैसेज को आग की तरह फैलाना ज्यादा आसान है। अगर फेसबुक या दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोई अफवाह फैलानी है तो उसमें समय लगेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि फेसबुक पर हर कोई हमेशा लॉग-इन नहीं रहता और रहता है भी तो ज्यादातर लोग ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं देते।

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