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व्हिसल ब्लोअर का आरोप- चंदा कोचर ने पति की कंपनी में 325 करोड़ निवेश के बदले रुइया ब्रदर्स की मदद की

एस्सार ग्रुप की कंपनी को 2400 करोड़ रुपए का लोन देने वाले कंसोर्टियम में आईसीआईसीआई लीड बैंकर था।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jun 03, 2018, 12:14 AM IST

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    चंदा कोचर के खिलाफ नए आरोप लगाते हुए व्हिसल ब्लोअर अरविंद गुप्ता ने 11 मई को प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी- फाइल
    • चंदा कोचर के खिलाफ वीडियोकॉन लोन मामले में आईसीआईसीआई बैंक स्वतंत्र जांच कर रहा है
    • 2016 में वीडियोकॉन मामले की शिकायत भी अरविंद गुप्ता ने ही की

    नई दिल्ली. आईसीआईसीआई बैंक की एमडी और सीईओ चंदा कोचर पर व्हिसल ब्लोअर अरविंद गुप्ता ने नए आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अपने पति दीपक कोचर की कंपनी न्यूपावर में राउंड ट्रिपिंग निवेश के बदले चंदा कोचर ने एस्सार ग्रुप के रुइया ब्रदर्स की मदद की। रुइया ब्रदर्स ने कोचर के पति की कंपनी न्यूपावर में फंडिंग की थी। गुप्ता ने 11 मई को नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें यह शिकायत की गई है। निशांत कानोडिया रवि रुइया के दामाद हैं। अनिरुद्ध भुवालका शशि रुइया के भतीजे हैं।

    क्या है पूरा मामला ?

    न्यूपावर रिन्यूएबल्स की ओर से रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज को दी गई जानकारी को आधार बनाते हुए अरविंद गुप्ता का कहना है कि-

    - रुइया ब्रदर्स ने कानोडिया और भुवालका के जरिए न्यूपावर और इसकी सहयोगी कंपनियों को फंडिंग करवाई।

    - दिसंबर 2010 से मार्च 2012 के दौरान कंपल्सरी कन्वर्टिबल प्रिफरेंस शेयर और इक्विटी शेयरों की खरीद की गई।

    - निशांत ने फर्स्टलैंड होल्डिंग्स, मॉरिशस के जरिए न्यूपावर रिन्यूएबल लिमिटेड के 32 लाख 43 हजार 752 शेयर खरीदे। प्रति शेयर भाव 1000 रुपए था।

    - इन शेयरों को 31 दिसंबर, 2010 से 21 मार्च 2012 के बीच चार बार में खरीदा गया था। इस तरह कुल 324.37 करोड़ रुपए का निवेश किया गया।

    - फर्स्टलैंड होल्डिंग्स, मेटिक्स ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है। कानोडिया मेटिक्स ग्रुप के को-प्रमोटर हैं।

    - ए-वन मोटर्स एंड सर्विसेज के मालिक अनिरुद्ध भुवालका ने एएमडब्ल्यू मोटर्स के जरिए न्यूपावर टेक्नोलॉजीज का अधिग्रहण किया।
    - एएमडब्ल्यू मोटर्स, एशिया मोटर्स वर्क्स होल्डिंग्स लिमिटेड के नियंत्रण वाली कंपनी है। वहीं, एशिया मोटर्स वर्क्स होल्डिंग्स लिमिटेड, एस्सार ग्रुप के नियंत्रण वाली कंपनी है।

    अरविंद गुप्ता का कहना है कि एस्सार ग्रुप के फाउंडर रवि रुइया और शशि रुइया का मुख्यालय मॉरिशस में है जो कि ग्लोबल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए एक सुरक्षित देश है।

    व्हिसल ब्लोअर के आरोप
    - एस्सार ग्रुप ने फर्स्टलैंड होल्डिंग्स मॉरिशस के जरिए राउंड ट्रिपिंग के रास्ते न्यूपावर ग्रुप में 325 करोड़ रुपए का निवेश किया।
    - ये डील उस दौरान हुई जब आईसीआईसीआई बैंक की सिंगापुर, यूके और न्यूयॉर्क स्थित शाखाओं के जरिए एस्सार ग्रुप को मदद पहुंचाई गई।
    - आईसीआईसीआई बैंक की अगुआई वाले कंसोर्टियम ने 2010 में एस्सार स्टील को 53 करोड़ डॉलर (2400 करोड़ रुपए) का लोन दिया। ये लोन बाद में एनपीए घोषित कर दिया गया।
    - एस्सार कैपिटल होल्डिंग्स, मॉरिशस ने न्यूपावर को फंडिंग के लिए मेटिक्स ग्रुप को भरपाई की।

    क्या होती है राउंड ट्रिपिंग ?
    कई भारतीय कंपनियां टैक्स चोरी करने के लिए राउंड ट्रिपिंग का रास्ता अपनाती हैं। इसके तहत कंपनियां एफडीआई का जो अमाउंट बताती हैं, उसमें से पूरा अमाउंट एफडीआई नहीं होता है। इसकी बजाय कंपनियां मॉरिशस के कानून का फायदा उठाकर वहां से अपना पैसा दोबारा एफडीआई के नाम पर भेजती हैं, जिससे वह भारत के साथ-साथ मॉरिशस में भी टैक्स देने से बच जाती हैं।

    बढ़ा-चढ़ा कर बताया जा रहा है आंकड़ा: आईसीआईसीआई बैंक
    आईसीआईसीआई समेत 7 भारतीय बैंकों के कंसोर्टियम ने एस्सार स्टील मिन्नोसोटा को लोन स्वीकृत किया। बड़े अमेरिकी फंड हाउस ने भी कंपनी को लोन दिया। कुल 1.02 अरब डॉलर के लोन में आईसीआईसीआई बैंक का हिस्सा 25% से भी कम था। 53 करोड़ डॉलर का आंकड़ा बढ़ा चढ़ाकर बताया गया है। कई वजहों के चलते सभी कर्जदाताओं ने इस लोन को एनपीए घोषित कर दिया। इस मामले में रिजॉल्यूशन प्रक्रिया जारी है। लोन स्वीकृत करते वक्त क्रेडिट रिस्क रेटिंग समेत सभी जरूरी बातों का ध्यान रखा गया।

    कुछ गलत नहीं किया, आरोप बेबुनियाद: एस्सार ग्रुप

    - इस मामले में एस्सार ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा कि, हम अरविंद गुप्ता के आरोपों की निंदा करते हैं। फर्स्टलैंड होल्डिंग्स में एस्सार ग्रुप के किसी तरह के व्यावसायिक हित नहीं हैं।
    जैसा कि हमें जानकारी है, एएमडब्ल्यू मोटर्स लिमिटेड ने न्यूपावर में 197 करोड़ रुपए का निवेश नहीं किया। आईसीआईसीआई के साथ एस्सार ग्रुप 1980 से डील कर रहा है। बैंक के साथ किए गए सभी लेन-देन पारदर्शी तरीके से कानून के मुताबिक किए गए।
    - मेटिक्स ग्रुप ने भी आरोपों को पूरी तरह झूठे और निराधार बताया है।

    चंदा कोचर फिलहाल छुट्टियों पर हैं

    - आईसीआईसीआई बैंक बोर्ड ने सीईओ चंदा कोचर को छुट्टी पर भेजने की खबर का खंडन किया है। बैंक मैनेजमेंट का कहना है कि चंदा कोचर एनुअल लीव पर हैं, जो पहले से ही तय थी। ऐसा कहा जा रहा था कि वीडियोकॉन मामले में चंदा कोचर के खिलाफ जांच पूरी होने तक उन्हें छुट्टी पर जाने के लिए कह दिया गया। प्रबंधन ने नए सीईओ की तलाश के लिए सर्च कमेटी गठित करने की खबर का भी खंडन किया।

    - वीडियोकॉन लोन मामले में आईसीआईसीआई बैंक चंदा कोचर के खिलाफ स्वतंत्र जांच कर रहा है।

    - पिछले हफ्ते सेबी ने भी आईसीआईसीआई बैंक और चंदा कोचर को इस संबंध में नोटिस भेजा था।

    वीडियोकॉन मामले में चंदा कोचर पर आरोप

    - 2012 में वीडियोकॉन ग्रुप को 3,250 करोड़ रुपए को लोन दिया गया। वीडियोकॉन ग्रुप का ये लोन एनपीए घोषित कर दिया गया।
    - लोन स्वीकृत करने वाले कंसोर्टियम की कमेटी में चंदा कोचर शामिल थीं। चंदा कोचर पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हुए वीडियोकॉन को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा।
    - इसके बदले वीडियोकॉन के फाउंडर वेणुगोपाल धूत ने न्यूपावर रिन्यूएबल्स में निवेश किया। न्यूपावर के फाउंडर चंदा कोचर के पति दीपक कोचर हैं।
    - मार्च 2016 में इस मामले की शिकायत भी अरविंद गुप्ता ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर की थी।

  • व्हिसल ब्लोअर का आरोप- चंदा कोचर ने पति की कंपनी में 325 करोड़ निवेश के बदले रुइया ब्रदर्स की मदद की
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    दीपक कोचर न्यूपावर के फाउंडर हैं। इसी कंपनी में एस्सार ग्रुप के निवेश की बात सामने आई है। -फाइल
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Web Title: Whistle-Blower Levels Fresh Allegations Against ICICI's Chanda Kochhar
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