थोक लाइसेंस 150 से 300 किलो के, लेकिन टनों में आतिशबाजी बेचने का चल रहा खेल

Mohali Bhaskar News - पुरे जिले में आतिशबाजी का खेल ऐसा चल रहा है कि प्रशासन को भी समझ नहीं आ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी पंजाब की सबसे...

Oct 21, 2019, 07:26 AM IST
पुरे जिले में आतिशबाजी का खेल ऐसा चल रहा है कि प्रशासन को भी समझ नहीं आ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी पंजाब की सबसे बड़ी पटाखों की मंडी कुराली में प्रशासन के आड़े आ रही है। डीसी गिरिश दयालन ने एक महीना पहले ही साफ कर दिया था कि आतिशबाजी का थोक लाइसेंस जितने किलो का है उतने किलो तक ही व्यापारी आतिशबाजी स्टोर कर सकता है। पटाखों की मंडी कुराली में आठ थोक के लाइसेंस 150 किलो से लेकर 300 किलो तक के हैं। लेकिन प्रति दिन इन थोक की दुकानों से पिकअप गाड़ियां, केंटर, घरेलू कारें व एक्सयूवी गाडिय़ां आदी भर-भर कर जा रही हैं। तो लाइसेंस के अनुसार कहां पर काम हा़े रहा है। प्रशासन अगर इन दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले तो ही सब कुछ साफ हो जाएगा कि किस प्रकार कुछ किलो के लाइसेंस के आधार पर टनों में आतिशबाजी बेचने का खेल चलता है। इसके साथ ही दूसरी सबसे ज्यादा परेशान अब वो लोग हैं जिनके रिटेल आतिशबाजी बेचने के टेंपरेरी लाइसेंस हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार निकले हैं। उन लोगों की माने तो उनका कहना है कि अगर प्रशासन थोक विक्रेताओं को रिटेल करने से और किसी प्रकार की रिटेल सेल अवैध रूप से ना होने से तो ही हाई कोर्ट के नियमों का पालन होगा। ऐसा नहीं कि जिले में लाइसेंस 47 जारी किए गए हैं और दुकानें लग जाएं एक हजार से भी ज्यादा।

लाइसेंस का फायदा तो यदि कोई रिटेल शॉप न लगे: प्रशासन की ओर से रिटेल आतिशबाजी बेचने के लिए कुराली के जिन 52 लोगों के आवेदनों में से 4 आवेदकों को ड्रा के जरिए चयनित किया है। उनका साफ कहना है कि रिटेल शाप के टैम्परेरी लाइसेंस तो उनको मिल गए हैं। यदि शहर में अवैध स्टॉल्स पर पटाखे रिटेल में बिखेरें तो हाईकोर्ट के निर्देशों पर उनके जारी किए गए लाइसेंस पूरी तरह से बेमायने होगें। अभी तो लाइसेंस जारी भी नहीं हुए है फिर भी शहर में 40 से अधिक दुकानें सज गई है। लोग लाखों करोड़ों की आतिशबाजी स्टोर किए हुए हैं। जो मौका मिलते ही उसे देररात या तड़के बेचते हैं। यदि ऐसा ही चला तो रिटेल के टैम्परेरी लाइसेंस लेने का तो कोई फायदा नहीं होगा। प्रशासन को यह अवैध दुकानें बंद कर वानी होगी और थोक की दुकानों पर भी रिटेल आतिशबाजी की सेल रोकनी होगी।

गोदाम रोपड़ में, पटाखे बिकते हैं कुराली में : जिस बडाली तथा मोरिंडा रोड पर पटाखों की दुकानें हैं उससे करीब 3 किलोमीटर की दूरी से रोपड़ जिले की हद शुरु हो जाती है। कुछ थोक व्यापारियों ने रोपड़-मोहाली जिले की सीमा के गांवों में अपने गोदाम बना रखे हैं। मोहाली डीसी के लाइसेंस की क्षमता के अनुसार आतिशबाजी रखने के निर्देशों के चलते अब गोदामों में भी आतिशबाजी बेची जा रही है। कई व्यापारी तो रेपिड एरिया से आतिशबाजी कुराली लाकर बेच रहे हैं। रिटेल लाइसेंस धारकों का कहना है कि मोहाली प्रशासन रोपड़ प्रशासन को भी इसके लिए जोडे और मोरिंडा एरिया में पुलिस की नाकेबंदी करवाए। ताकि अवैध लाइसेंस धारक लोगों द्वारा लाए जा रहे पटाखों के भरे वाहनों को पकड़ा जा सके। यदि किसी के पास लाइसेंस नहीं है तो वह भारी मात्रा में पटाखा खरीद भी नहीं सकता है।


प्रत्येक वर्ष प्रशासन की घटिया कारगुजारी कारण पटाखा विक्रेताओं को प्रशासन का कोई खौफ नहीं है। नियमों अनुसार आतिशबाजी की एक दुकान से दूसरी दुकान के मध्य लगभग 12 मीटर की दूरी चाहिए लेकिन बडाली रोड पर तो दुकानों साथ में जुड़ी होने के बावजूद आमने सामने आतिशबाजी की दुकानें सजी हुई है। सारा कुछ ध्यान में होने के बावजूद प्रशासन ठोस कार्रवाई करने में असफल हो रहा है। आतिशबाजी विक्रेता लोगों की जान माल की बिना परवाह किए धडल्ले से आतिशबाजी बेच रहे है। दिन प्रति दिन आतिशबाजी की दुकानों में हो रही बढ़ोत्तरी शहर वासियों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। शहर वासियों ने जिला प्रशासन से अवैध तौर पर आतिशबाजी बेचने वालो के खिलाफ ठोस कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस मौके उनके साथ नगर काउंसिल के कर्मचारियों में राजेश कुमार,सिटी पुलिस के एसआई उमा देवी तथा प्यारा सिंह भी उपस्थित थे। मौके पर एसडीएम हिमांशू जैन ने बताया कि अवैध तौर पर आतिशबाजी बेचने वालो को छोडा नही जाएगा।

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