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चेरापूंजी में क्यों होती है इतनी बारिश, रहस्ययी गुफाओं, सोहरा पुलाव और लाइव ब्रिज के लिए भी जाना जाता है यह डेस्टिनेशन

Dainik Bhaskar

Jul 27, 2018, 02:09 PM IST

चेरापूंजी को सोहरा और चुर्रा भी कहा जाता है, इसका मतलब होता है संतरों की भूमि।

यहां घूमने के लिए मार्च से मई और जून से सितम्बर का समय अच्छा है। यहां घूमने के लिए मार्च से मई और जून से सितम्बर का समय अच्छा है।

लाइफस्टाइल डेस्क. चेरापूंजी यानी भारत में सबसे ज्यादा बारिश होने वाली जगह। चेरापूंजी को सोहरा और चुर्रा भी कहा जाता है, इसका मतलब होता है संतरों की भूमि। यह मेघालय की राजधानी शिलांग के खासी हिल्स में स्थित है। इस क्षेत्र में सर्वाधिक बारिश के लिए यहां की भौगोलिक स्थितियां जिम्मेदार हैं। चेरापूंजी 4869 फुट की ऊंचाई पर खासी हिल्स के दक्षिणी पठार पर स्थित है जहां मानसूनी हवाओं का हर समय जोर बना रहता है। यहां पूर्वोत्तर और दक्षिण-पश्चिमी मानसून की हवाएं आती हैं जिसकी वजह से हर समय मानसून रहता है। सर्दी के दिनों में ब्रह्मपुत्र की तरफ से आने वाली पूर्वोत्तर हवाएं भी बारिश का एक कारण हैं। ज्यादातर लोगों को लगता है कि यहां बारिश अधिक होती है तो पानी की कमी नहीं होती होगी लेकिन ऐसा नहीं है। नवंबर के दिनों में यहां लोगों को पानी के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ती है। यहां घूमने के लिए मार्च से मई और जून से सितम्बर का समय अच्छा है।

5 प्वाइंट्स: बारिश के अलावा भी यहां क्या खास है

1. लाइव ब्रिज : बायो-इंजीनियरिंग प्रैक्टिस का बेहतरीन नमूना
चेरापूंजी लाइव ब्रिज के लिए भी मशहूर है जो यहां के लोगों द्वारा बनाए गए बायो-इंजीनियरिंग प्रैक्टिस का बेहतरीन नमूना है। एक समय में इस पर 50 लोगों गुजर सकते हैं। इस दो-मंजिला ब्रिज की बनावट काफी आकर्षक है। खासी और जैन्तिया हिल्स में काफी नमी और नदियों वाला क्षेत्र है। यहां भारतीय रबर के पेड़ काफी पाए जाते हैं। जिनकी जड़ें काफी लंबी और मजबूत होती हैं। मेघालय के वर-खसिस और वर-जैंनियास दो आदिवासी ने नदियों के पास निकलने वाली इन पेड़ों की जड़ों को देखा और इनसे ब्रिज तैयार किया था। जो धीरे-धीरे बढ़ती रहीं और ब्रिज मजबूत होता गया।

2. खूबसूरत झरने और गुफाएं : रोमांच का अहसास
अगर आप हरियाली के बीच खूबसूरत झरनों का आनंद लेना चाहते हैं तो चेरापूंजी एकदम परफेक्ट डेस्टिनेशन है। यहां कई तरह के वॉटरफॉल हैं जिनकी वनावट भी एक-दूसरे से थोड़ी अलग है। नोहकलिकाई वाटरफॉल, सेवेन सिस्टर, कावा फॉल्स, वकाबा फॉल्स के अलावा भी कई झरने देखने को मिलेंगे। इसका अलावा यहां मवासमई और आरवाह गुफा हैं जो आपको रोमांचक अनुभव कराती हैं। इनकी बनावट बेहद खास है।

3. फेस्टिवल : बादलों को लुभाने के लिए लोक नृत्य करते हैं लोग
चेरापूंजी में गिरते पानी के फव्वारे और कुहासा एक अलग ही अनुभव कराता है। यहां के लोगों को बसंत का शिद्दत से इंतजार होता है। यहां रहने वाली खासी जनजाति के लोग बादलों को लुभाने के लिए लोक गीत और लोक नृत्य का आयोजन करते हैं। जो यहां वाले टूरिस्टों के लिए आकर्षण का केंद्र है। यहां बादल कभी भी बरस सकते हैं इसलिए यहां के लोग सालभर बेंत के छाते लेकर चलते हैं।

4. ईको पार्क : आर्चिड के फूलों की खूबसूरती अतुल्य है
यहां की खूबसूरती में चार चांद लगाता है ईको पार्क। इसे मेघालय सरकार ने बनाया है। जिसमें आर्चिड के फूलों की खूबसूरती देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। ग्रीन हाउस में लगाए गए इन फूलों की देखभाल शिलॉन्ग एग्री-हॉर्टीकल्चरल सोसायटी करती है। यहां से बांग्लादेश की खूबसूरत चट‌्टानों को देखा जा सकता है। अगर फोटोग्राफी के शौकीन हैं तो यह जगह आपको निराश नहीं करेगी।

5. डिशेज : सोहरा पुलाव है खास
खाने-पीने के शौकीनों के लिए भी यहां काफी कुछ है। यहां का पॉर्क राइस काफी पसंद किया जाता है। यहां पॉर्क और रेड मीट बहुतायात में उपलब्ध है। इसके अलावा सोहरा पुलाव भी काफी फेमस है। जो एक तरह का खास चावल है इसमें सब्जियां मिलाकर तैयार किया जाता है। खास बात है कि इसमें मसाले का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

चेरापूंजी लाइव ब्रिज के लिए भी मशहूर है जो यहां के लोगों द्वारा बनाए गए बायो-इंजीनियरिंग प्रैक्टिस का बेहतरीन नमूना है। एक समय में इस पर 50 लोगों गुजर सकते हैं। चेरापूंजी लाइव ब्रिज के लिए भी मशहूर है जो यहां के लोगों द्वारा बनाए गए बायो-इंजीनियरिंग प्रैक्टिस का बेहतरीन नमूना है। एक समय में इस पर 50 लोगों गुजर सकते हैं।
सेवेन सिस्टर वॉटरफॉल को यहां के बेहतरीन झरनों में गिना जाता है। सेवेन सिस्टर वॉटरफॉल को यहां के बेहतरीन झरनों में गिना जाता है।
इसका अलावा यहां मवासमई और आरवाह गुफा हैं जो आपको रोमांचक अनुभव कराती हैं। इनकी बनावट बेहद खास है। इसका अलावा यहां मवासमई और आरवाह गुफा हैं जो आपको रोमांचक अनुभव कराती हैं। इनकी बनावट बेहद खास है।
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यहां घूमने के लिए मार्च से मई और जून से सितम्बर का समय अच्छा है।यहां घूमने के लिए मार्च से मई और जून से सितम्बर का समय अच्छा है।
चेरापूंजी लाइव ब्रिज के लिए भी मशहूर है जो यहां के लोगों द्वारा बनाए गए बायो-इंजीनियरिंग प्रैक्टिस का बेहतरीन नमूना है। एक समय में इस पर 50 लोगों गुजर सकते हैं।चेरापूंजी लाइव ब्रिज के लिए भी मशहूर है जो यहां के लोगों द्वारा बनाए गए बायो-इंजीनियरिंग प्रैक्टिस का बेहतरीन नमूना है। एक समय में इस पर 50 लोगों गुजर सकते हैं।
सेवेन सिस्टर वॉटरफॉल को यहां के बेहतरीन झरनों में गिना जाता है।सेवेन सिस्टर वॉटरफॉल को यहां के बेहतरीन झरनों में गिना जाता है।
इसका अलावा यहां मवासमई और आरवाह गुफा हैं जो आपको रोमांचक अनुभव कराती हैं। इनकी बनावट बेहद खास है।इसका अलावा यहां मवासमई और आरवाह गुफा हैं जो आपको रोमांचक अनुभव कराती हैं। इनकी बनावट बेहद खास है।
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