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Bad habits: बच्चों की झूठ बोलने की आदत छुड़ा सकते हैं ये 5 उपाय

बैड हैबिट को शुरुआत में ही खत्म कर देना उचित है क्योंकि यह आदत बढ़ गई तो उसे दूर करने में काफी परेशानी जाती है।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - May 28, 2018, 01:02 PM IST

Bad habits: बच्चों की झूठ बोलने की आदत छुड़ा सकते हैं ये 5 उपाय

यूटिलिटी डेस्क.बच्चों के झूठ बोलने की आदत को ज्यादातर पैरेंट्स नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बाद में इसी आदत के कई दुष्परिणाम उनके सामने आते हैं। इसलिए इस बैड हैबिट को शुरुआत में ही खत्म कर देना उचित रहता है। क्योंकि समय के साथ यह आदत यदि बढ़ गई तो उसे दूर करने में काफी परेशानी जाती है। तीन कारण हैं जिनकी वजह से बच्चे झूठ बाेलते हैं। पहला, टीचर का डर। दूसरा, जब बच्चें अपने आपको रिश्तेदार, माता-पिता या किसी के बीच कहीं फंसे हुए पाते हों। तीसरा, ऐसी जगह जहां उनको खतरा नजर आ रहा हो। इन सबसे बचने के लिए हीन भावना से ग्रस्त ये बच्चे सम्मान पाने के लिए झूठ बोलते हैं। आप चाहें तो उनकी ये आदत छुड़ा कुछ उपाय अपनाकर आसानी से छुड़ा सकते हैं। सायकोलॉजिस्ट डॉ. विनय मिश्रा से जानते हैं 5 उपाय जो बच्चे को झूठ बोलने से बचाएंगे।


1.पूछने का तरीका बदलें
कई बार हम बच्चों से जिस तरह के सवाल पूछते हैं, वही उनके झूठ बोलने का कारण बनता है- जैसे ब्रश किया या रूम साफ किया या नहीं। ऐसा पूछने से वह खुद को बचाने के लिए झूठ बोलते हैं। पूछने का तरीका ऐसा हो कि कमरा कैसे अौर कब साफ करने वाले हो, डांट की आशंका न देख वह सही जवाब देंगे।

2.डूज एंड डोंट्स बताएं
कई बार बच्चों को बताना पड़ता है कि उन्होंने गलती की है, लेकिन गलती से सीखने को मिला है, यह जानने के बाद वह डरेगा नहीं और सीखने की कोशिश करेगा। 5 साल तक के बच्चों को खुद पता नहीं चलता कि झूठ बोलने से क्या नुकसान है। उन्हें बताएं कि क्या करना है और क्या नहीं।


3.अपनी सुविधा न देखें
अक्सर ऐसा होता है कि हम बच्चों से फोन पर झूठ बुलवा देते हैं कि कह दो पापा घर पर नहीं हैं। डोर बेल बजे तो बच्चों से कह देते हैं कि कोई पूछे तो कह दें कि पापा बाहर गए हैं। ऐसे में आप उस समय की सिचुएशन तो सॉल्व कर लेंगे, लेकिन आपका बच्चा झूठ बोलना सीखने लगेगा।


4.बिना शर्त वाला प्यार दें
बच्चों काे इस बात का पूर्ण विश्वास होना चाहिए कि उन्हें बिना शर्त प्यार किया जाए। भले ही उन्होंने झूठ बोला हो। बच्चे को किए जाने वाले प्यार का कम या ज्यादा होना झूठ के हिसाब से तय नहीं होगा। यह बच्चा जान लेगा तो वह डरेगा नहीं और झूठ नहीं बोलेगा। ये डर ही है जिसकी वह झूठ बोलता है।


5.प्यार से समझाएं
कांच का गिलास या कुछ अन्य टूट फूट हो जाए तो हम बच्चे से पूछेंगे कि किसने तोड़ा? इस सवाल के बाद उसे पता है कि पापा थप्पड़ मार सकते हैं। इस डर से वह झूठ बोल देगा कि गिलास उसने नहीं तोड़ा है। ऐसी स्थिति से बचें, उसे प्यार से समझाएं अौर प्यार से ही कोई सवाल करें।

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