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विम्बलडन: 131 साल पुराने सफेद ड्रेस कोड का हवाला देकर बदलवाया खिलाड़ी का इनरवियर, पिता तुरंत नया खरीद कर लाए

रोजर फेडरर 2013 में जब नारंगी रंग के सोल वाले जूते पहनकर कोर्ट में उतरे तो उन्हें उसे बदल कर आने को कहा गया था।

Danik Bhaskar | Jul 06, 2018, 07:29 PM IST
मेन्स सिंगल्स में कनाडा के मिलोस रोनिक के खिलाफ मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया के जॉन मिलमैन को इनरविनर बदलने को कहा गया। मेन्स सिंगल्स में कनाडा के मिलोस रोनिक के खिलाफ मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया के जॉन मिलमैन को इनरविनर बदलने को कहा गया।

- ऑल व्हाइट ड्रेस कोड से परेशान होकर आंद्रे अगासी ने 1988 से 1990 तक विम्बलडन​ का बहिष्कार किया था

लंदन. तीसरे ग्रैंड स्लैम विम्बलडन के मेन्स सिंगल्स मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के जॉन मिलमैन को अपनी इनरवियर सफेद रंग की न होने की वजह से बदलनी पड़ी। ग्रैंड स्लैम मुकाबले ऑल इंग्लैंड क्लब में खेले जा रहे हैं। दूसरे राउंड के मुकाबले में गुरुवार को कोर्ट नंबर 2 पर मिलमैन कनाडा के मिलोस रोनिक के खिलाफ मैच खेलने के लिए उतरे। तभी चेयर अंपायर की नजर मिलमैन के कपड़ों पर पड़ी। उन्होंने मिलमैन को बुलाया और कहा कि आपका इनरवियर सफेद रंग का नहीं है। आप इसे बदलिए, नहीं तो आप मैच नहीं खेल सकते हैं।

मिलमैन ने दर्शक दीर्घा में बैठे अपने पिता की ओर देखा। पिता ने बेटे की परेशानी को समझी। वे तुरंत भागकर बाहर गए और पास की दुकान से सफेद रंग का इनरवियर लाकर बेटे को दे दिया। इसके बाद मिलमैन मैच खेल पाए।विम्बलडन में यह पहली बार नहीं हुआ, जब रंगीन इनरवियर पहने किसी खिलाड़ी के सामने ऐसी मुश्किल आई हो।

पिछले साल ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी जूरिज रोडिओनोव को मेन्स सिंगल्स में तीसरे दौर के मैच से पहले अपना गहरे रंग का इनरवियर बदलने को कहा गया था। रोडिओनोव जब टॉस के लिए चेयर अंपायर के पास पहुंचे तब पता चला कि उन्होंने सफेद रंग का इनरवियर नहीं पहना हुआ है। इसके बाद एक सुपरवाइजर उन्हें कोर्ट से बाहर ले गया और उनके इनरवियर के रंग को चेक किया। इसके बाद उन्हें सफेद रंग के इनरवियर को पहनने के लिए कहा गया।

एक सेंटीमीटर रंग की है इजाजतः विम्बलडन में ऑल व्हाइट ड्रेस कोड 131 साल पुराना है। यह ड्रेस कोड इसलिए लागू किया गया था, क्योंकि तब टेनिस सामाजिक मौकों पर खेला जाता था। खेल के दौरान पसीना आने के कारण खिलाड़ियों के शरीर पर निशान पड़ जाते थे। ऐसा न दिखे इसलिए यह नियम बनाया गया था। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में खेलने वाले हर खिलाड़ी के लिए इसका पालन करना जरूरी है।

1) टूर्नामेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ी को निर्धारित टेनिस पोशाक में होना चाहिए, जो सिर्फ सफेद रंग की होगी। यह नियम टेनिस कोर्ट में प्रवेश करते ही लागू होगा।

2) ऑफ व्हाइट या क्रीम रंग सफेद पोशाक में नहीं माना जाएगा।
3) सफेद पोशाक पर कोई दूसरे रंग से कुछ भी लिखा या छपा नहीं होना चाहिए। गले के आसपास और आस्तीन के चारों ओर किसी एक रंग की सजावट मंजूर है, लेकिन वह भी एक सेंटीमीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यदि पोशाक में कहीं भी एक सेंटीमीटर से ज्यादा के दायरे में कोई रंगीन चीज लगी हुई है तो ऐसी पोशाक को पहनकर मैच खेलने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
4) शर्ट और ड्रेस के पीछे का हिस्सा, ट्रैकसूट का टॉप या स्वेटर भी पूरी तरह से सफेद रंग का होना चाहिए।
5) शॉर्ट्स, स्कर्ट, ट्रैकसूट के बॉटम पूरी तरह से सफेद रंग के होने चाहिए। बाहरी सिलाई की जगह सिर्फ एक सेंटीमीटर के दायरे में किसी एक रंग को जगह दी जा सकती है।
6) कैप, हेडबैंड, बैंन्डेन, रिस्ट बैंड और मोजे बिल्कुल सफेद होने चाहिए। उनमें किसी एक रंग का ट्रिम हो सकता है, वह भी एक सेंटीमीटर से ज्यादा का नहीं।
7) खिलाड़ियों के जूते सोल समेत सफेद रंग के होने चाहिए। विशेषकर ऐसे जूतों को भी पहनने की मंजूरी नहीं दी जाएगी, जिसमें अंगूठे के बाहर चारों ओर रंगीन दाना या कुछ अंकित होगा। यही नहीं, अंगुलियों और अंगूठे के बाहर की जगह पूरी तरह से चिकनी होनी चाहिए।
8) मेडिकल सपोर्ट और उपकरण भी सफेद रंग के होने चाहिए। जरूरी होने पर ही रंगीन उपकरणों को स्वीकार किया जाएगा।

ऑस्ट्रेलिया के जॉन मिलमैन तीसरे दौर में जगह नहीं बना सके। ऑस्ट्रेलिया के जॉन मिलमैन तीसरे दौर में जगह नहीं बना सके।
कनाडा के मिलोस रोनिक ने मिलमैन को 7-6, 7-6, 7-6 से हराया। कनाडा के मिलोस रोनिक ने मिलमैन को 7-6, 7-6, 7-6 से हराया।